कृषि उपभोक्ताओं के लिए भी फिक्स चार्ज दस रुपये प्रति माह की दर से बढ़ाया गया है, जबकि अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं पर फिक्स चार्ज 20 रुपये लगेगा। आयोग ने इस साल डिमांड चार्जिस में कोई बढ़ोतरी नहीं की है।
वहीं बिजली बोर्ड को राहत देते हुए आयोग ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए 200 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। सरकार ने 2018-19 के बजट में बोर्ड को 475 करोड़ रुपये का अनुदान भी दिया है।
औद्योगिक इकाइयों की बिजली डेढ़ फीसदी महंगी करने के साथ ही बड़ी छूट देने का एलान भी किया है। इसके तहत जो औद्योगिक इकाई बीते साल के मुकाबले अधिक बिजली प्रयोग करेगी, उन्हें बिल में दस फीसदी की छूट मिलेगी।
इसके अलावा ईएचटी और एचटी टू वाली औद्योगिक इकाइयों को रात दस बजे से लेकर सुबह छह बजे तक प्रयोग की जाने वाली बिजली पर 40 पैसे से 60 पैसे प्रति यूनिट की दर पर छूट दी जाएगी।
पहली अप्रैल 2018 के बाद स्थापित नई इकाइयों को तीन साल तक जारी की गई बिजली की दरों में दस फीसदी की छूट दी जाएगी। इस सुविधा से औद्योगिक इकाइयाें को बिजली बिलों में 42 से 47.5 पैसे प्रति यूनिट की बचत होगी।