मनाली से रोहतांग के लिए इलेक्ट्रिक बस का ट्रायल बुधवार को सफल रहा। इसके बाद इलेक्ट्रिक बस वापस भेज दी गई। हालांकि, शुरू में ट्रायल के दौरान कुछ समस्याएं पेश आईं और तीन-चार दिन तक बस रोहतांग नहीं पहुंची थी, लेकिन बाद में बस ने नियमित रूप से मनाली से रोहतांग तक 51 किलोमीटर का सफर तय किया।
बुधवार को अंतिम ट्रायल था। कमेटी मनाली से रोहतांग तक बस में मौजूद रही। ट्रायल सफल होने पर अब मनाली से रोहतांग के बीच इलेक्ट्रिक बस चलाने पर फैसला सरकार करेगी। करीब एक माह चले ट्रायल में दशहरा उत्सव, दिवाली और भैयादूज त्योहार आने से कमेटी के उपस्थित न होने से देरी हुई है।
नियमानुसार इलेक्ट्रिक बस का ट्रायल दस बार किया जाता है। सभी ट्रायल सफल होने पर इसे सफल माना जाता है। आरएम कुल्लू पवन शर्मा ने कहा कि ट्रायल सफल रहा है। बुधवार को पूरी ट्रायल कमेटी मौजूद रही।
इसमें ट्रायल कमेटी की चेयरमैन एवं एसडीएम मनाली ज्योति राणा, डीएसपी मनाली पुनीत रघु, आरएम कुल्लू पवन शर्मा, एचआरटीसी मंडी के प्रबंधक तकनीकी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी, आईआईटी कमांद के मेकेनिकल के प्रोफेसर अतुल तथा इलेक्ट्रिकल के प्रो. रेड्डी के अलावा एनआईटी हमीरपुर के इलेक्ट्रिक एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राही तथा मेकेनिकल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजेश शामिल रहे।
रोहतांग में बढ़ते प्रदूषण को देखते उठाया कदम
रोहतांग दर्रा पर पर्यटन सीजन में हजारों पेट्रोल और डीजल वाहनों की आवाजाही से रोहतांग पर प्रदूषण बढ़ने लगा है। ऐसे में एनजीटी ने रोहतांग के लिए पेट्रोल-डीजल वाहनों की संख्या भी सीमित कर दी है। सरकार को पेट्रोल-डीजल वाहनों का विकल्प ढूंढने को कहा था। मनाली से रोहतांग के बीच सीएनजी बस सेवा शुरू करने की बात कही थी। इसका ट्रायल किया था, लेकिन सीएनजी उपलब्ध न होने से योजना सिरे नहीं चढ़ पाई।