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1 करोड़ 90 लाख से अधिक दाम में खरीद ली इलेक्ट्रिक बस, विधानसभा में उठा मामला

Tue, 28 Aug 2018 11:33 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में परिवहन निगम ने 1,90,99,999 रुपये में प्रति इलेक्ट्रिक बस की खरीदारी की। बीते 3 वर्ष निगम की ओर से निविदाएं आमंत्रित की र्गइं। इसमें दो कंपनियों ने भाग लिया।

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एक मैसर्ज अशोका और दूसरी मैसर्ज गोल्डस्टोन इंफराटैक लि. शामिल हैं। गोल्ड स्टोन कंपनी के टेंडर का रेट कम था, इसके चलते उनसे बसें खरीदी गईं। इतनी मंहगी बसें खरीदने पर निगम प्रबंधन सवालों के घेरे में आ गया है।

परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर पहले भी कह चुके हैं कि पूर्व सरकार ने मंहगे दामों में बसों की खरीदारी की हैं। सोमवार को नगरोटा के विधायक अरुण कुमार ने विधानसभा में यह सवाल लगाया था, इस सवाल पर चर्चा नहीं हुई लेकिन लिखित में परिवहन
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मंत्री गोविंद ठाकुर ने जानकारी दी कि प्रति बस 1 करोड़ 90 लाख से अधिक दाम में खरीदी गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश सरकार 50 इलेक्ट्रिक बसें खरीद रही है। ये बसें शिमला में चलाई जाएंगी। 60:40 रेश्यो में ये बसें स्वीकृत हुई हैं। 

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भाजपा चार्जशीट के आरोपों पर जांच कर रही विजिलेंस

प्रदेश सरकार ने बताया है कि भाजपा चार्जशीट में लगाए गए आरोपों की जांच विजिलेंस कर रही है। जांच के बाद सरकार आगे की कार्रवाई करेगी। सरकार ने यह जानकारी नूरपुर से भाजपा विधायक राकेश पठानिया के उस सवाल के जवाब में दी है, जिसमें पठानिया ने पूछा था कि राज्यपाल को सौंपी गई भाजपा की चार्जशीट की वर्तमान स्थिति क्या है।

दरअसल, वीरभद्र सरकार के दौरान सौंपी गई चार्जशीट को तत्कालीन सरकार ने खारिज कर दिया लेकिन जयराम सरकार ने इसकी जांच शुरू की। हाल में सरकार ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वह चार्जशीट में उनके विभाग से संबंधित आरोपों पर अपनी टिप्पणी तय मियाद में विजिलेंस ब्यूरो को भेज दे। ब्यूरो ने विभागों से मिली टिप्पणियों के बाद अब आरोपों और उनसे संबंधित विभागों से मिले दस्तावेजों का अध्ययन शुरू कर दिया है। 
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