राज्य सम्मेलन में एसएफआई की 43 सदस्यीय राज्य कमेटी का चुनाव किया गया, 15 सदस्यीय सचिवालय का गठन किया गया। सर्वसम्मति से रमन थारटा को प्रदेशाध्यक्ष और अमित ठाकुर को राज्य सचिव की जिम्मेदारी एक वर्ष के लिए सौंपी गई।
एसएफआई के सोलन में हुए 21वें राज्य सम्मेलन में एक बार फिर सर्वसम्मति से रमन थारटा को प्रदेशाध्यक्ष और अमित ठाकुर को राज्य सचिव की जिम्मेदारी एक वर्ष के लिए सौंपी गई। समापन समारोह में प्रदेशाध्यक्ष रमन थारटा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से देश भर में शिक्षा के निजीकरण के होने वाले प्रयासों के खिलाफ एसएफआई प्रदेश भर में संघर्ष को तेज करेगी। सम्मेलन में शामिल हुए प्रदेश भर के 300 से अधिक डेलीगेट्स ने शिक्षा नीति को माध्यम बनाकर शिक्षा के निजीकरण और भगवाकरण का विरोध हुआ।
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सम्मेलन में एसएफआई के अखिल भारतीय महासचिव म्यूक विश्वास ने कहा कि पूरे देश और प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है, सरकारी शिक्षण संस्थानों को बंद करने की साजिशें रचकर शिक्षा को कारोबार बनाया जा रहा है। सरकार सबको गुणात्मक और सस्ती शिक्षा देने से अपने हाथ पीछे कर रही है। शिक्षा के बजट में लगातार केंद्र और प्रदेश की सरकारें कटौती कर रही है। राज्य सचिव अमित ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश विवि को लेकर कहा कि विवि फर्जीवाड़े का अड्डा बन कर रह गया है।
शिक्षकों के पदों, गैर शिक्षकों के पदों पर अयोग्य और चहेतों को भर्ती किया जा रहा है। पीएचडी में बिना प्रवेश परीक्षा, नियमों को दरकिनार कर चहेतों को प्रवेश दिया जा रहा है। अमित ने कहा कि एसएफआई सरकार और विवि प्रशासन की इन जन विरोधी नीतियों और तानाशाही के खिलाफ आम छात्रों को एकजुट कर आंदोलन को और तेज करेगी। राज्य सम्मेलन में 43 सदस्यीय राज्य कमेटी का चुनाव किया गया, 15 सदस्यीय सचिवालय का गठन किया गया।