हिमाचल में पंचायतों और स्थानीय निकायों के चुनाव में केवल ‘रिजेक्टिड’ लिखकर किसी भी नामांकन को रद्द नहीं किया जाएगा। राज्य चुनाव आयोग ने सभी उपायुक्तों को आदेश जारी किए हैं कि वे पंचायतीराज चुनाव नियम और नगर निकाय चुनाव नियम ध्यान में रखें।
आयोग में पूर्व के चुनाव में होती रहीं गलतियों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए ही ये आदेश जारी किए हैं। इसकी प्रति तमाम चुनाव अधिकारियों को भी भेजी गई है। राज्य चुनाव आयोग के सचिव डा. अश्वनी कुमार शर्मा ने ये आदेश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि रिटर्निंग अधिकारी नामांकन पत्रों को केवल ‘रिजेक्टिड’ लिखकर ही रद्द नहीं किया जाएगा, बल्कि इसके लिए उन्हें इसके कारण को साफ-साफ ही लिखना होगा।
जहां भी नामांकन रद्द किए जाएंगे, वहीं उसे आदेशों की प्रति दी जाएगी और उसमें रद्द करने के कारण भी बताने होंगे। चाहे उम्मीदवार की ओर से लिखित में यह प्रति मांगी गई हो या नहीं। जब नामांकन पत्र का एक पत्र मंजूर किया गया हो और दूसरा रद्द किया गया हो तो भी उम्मीदवार को रिजेक्शन ऑर्डर की प्रति देनी होगी। इसमें खारिज करने के आदेश की प्रति भी देनी होगी।
नामांकन खारिज करने के आदेश की प्रतियां संबंधित उम्मीदवारों को मुफ्त में देनी होंगी। अगर कोई दूसरा उम्मीदवार इसकी प्रति मांगता है तो उसे 10 रुपये में एक कॉपी दी जाएगी। खारिज आदेशों की प्रति को भी आयोग की ओर से बताए गए प्रारूप पर ही देना होगा। ऐसे आदेशों की प्रतियां रजिस्टर में अंकित की जाएंगी। सभी कैश रसीदें भी संबंधित कैश बुक में ही दर्ज होनी चाहिए।