डीसी शिमला को पद पर बनाए रखना है कि नहीं। इस पर फैसला भारतीय निर्वाचन आयोग ही लेगा। राज्य सरकार ने जिलाधीश शिमला को हटाने के मामले में गेंद चुनाव आयोग के पाले में ही डाल दी है।
बगैर मंजूरी के ही चौपाल में दो बार स्ट्रांग रूम खोलने के मामले में भारतीय चुनाव आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है। इस पर एसडीएम चौपाल और डीसी शिमला को भी पद से हटाने को कहा गया है।
सरकार ने एसडीएम चौपाल मुकेश रेपसवाल का तबादला तो कर दिया, मगर आयोग को रिपोर्ट दी गई कि शिमला में पांच अलग-अलग स्थानों पर स्ट्रांग रूम बनाकर ईवीएम रखी गई हैं। इनकी जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्र के एसडीएम की हैं।
चौपाल के एसडीएम ने दोनों ही बार डीसी शिमला को इसकी सूचना नहीं दी। वीरवार को मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने कहा कि डीसी शिमला के मामले में क्या किया जाना है। इस बारे में जो भी फैसला लेना है, वह चुनाव आयोग को ही लेना है।
जल्द चार्जशीट होंगे एसडीएम चौपाल
राज्य सरकार एसडीएम चौपाल को जल्द ही चार्जशीट करेगी। मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने बताया कि भारतीय चुनाव आयोग ने ही एसडीएम चौपाल को चार्जशीट करने का निर्णय लिया था। इसके बाद सरकार आयोग के फैसले की अनुपालना कर रही है।