हिमाचल प्रदेश के नेताजी को मौसम का हाल चाहिए। किस जिले में कब कैसा मौसम रहने वाला है। इसकी पूरी अपडेट मौसम विभाग और इंटरनेट के जरिये ली जा रही है।
नरेंद्र मोदी, सोनिया गांधी, राहुल जैसे बड़े नेताओं की चुनावी रैलियां तो खासतौर पर मौसम विभाग के अफसरों से विचार विमर्श करने के बाद तय की जाएंगी, जिससे बड़े नेताओं के कार्यक्रम को मौसम के कारण निरस्त न करना पड़े।
मगर केंद्रीय और प्रदेश स्तर के नेताओं के लिए भी इंटरनेट और मौसम विभाग से परामर्श करने के बाद कार्यक्रम तय किये जा रहे हैं।
मौसम ने तय की थी राहुल की रैली
पिछले महीने धर्मशाला में राहुल गांधी की रैली थी। इसके लिए कांग्रेसियों ने एक सप्ताह पहले से मौसम विभाग से अपडेट लेना शुरू कर दिया था।
इसी तरह से प्रदेश स्तर के नेताओं के भी चुनावी दौरे के कार्यक्रम मौसम के हाल जानने के बाद ही तय किया जा रहा है, जिससे चुनाव प्रचार में किसी प्रकार की बाधा खड़ी न होने पाए।
भाजपा की ओर से भी इंटरनेट के जरिये मौसम का हाल चेक किया जाता है।
मौसम ही तय करेगा की मोदी रैली
आने वाले दिनों में नरेंद्र मोदी, हेमा मालिनी सहित देश के दिग्गज भाजपा नेता चुनाव प्रचार करने हिमाचल पहुंचेंगे।
इस दौरान भाजपा की ओर से मौसम महकमे से विचार विमर्श करने के बाद ही चुनावी रैलियों की तिथि तय की जाएगी।
वैसे भी भाजपा नेता इंटरनेट के अलावा फोन के जरिये में भी मौसम विभाग से दो-तीन दिन बाद मौसम का हाल ले रहे हैं, जिससे आगे का कार्यक्रम तक करने में कोई दिक्कत न आने पाए।
पार्टियों ने माना मौसम के अनुसार करते हैं प्लानिंग
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता नरेश चौहान ने कहा कि आने वाले समय में जितनी भी रैलियां तय होंगी, सभी मौसम का हाल जानने के बाद ही तय की जाएगी। खासतौर पर 25 अप्रैल से पांच मई के बीच होने वाली रैलियों के लिए मौसम के बारे में पता किया जाएगा, जिससे बड़े नेताओं और जनता को परेशानी न उठानी पड़े।
भाजपा प्रवक्ता गणेश दत्त का कहना है कि मौसम लगातार खराब हो रहा है। इसको देखते हुए आधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल करना अनिवार्य हो गया है। विशेषकर राष्ट्रीय नेताओं की चुनावी रैलियों की तिथि तय करने से पहले मौसम के बारे में पता किया जाएगा।
मौसम विभाग के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह का कहना है कि मौसम का हाल जानने के लिए न केवल शिमला बल्कि दूसरे जिलों के नेता भी फोन करते हैं। चुनाव को लेकर दो से तीन ऐसे फोन रोजाना आते ही है।