उन्होंने 31 दिसंबर से पहले शेष छात्रवृत्ति की संभावित सूची भेजने के भी निर्देश दिए। इसके लिए अलग से वित्तीय सहायता जारी की जाएगी। बैठक में अवगत करवाया गया कि वर्तमान वर्ष के दौरान जनजातीय उपयोजना के लिए विशेष केंद्रीय सहायता के रूप में राज्य को 20 करोड़ जारी किए जा चुके हैं।
इन्हें क्रियान्वयन एजेंसियां को आवंटित किया जा चुका है। इसी प्रकार क्रियान्वयन एजेंसियों को संविधान की धारा 275 (1) के तहत प्राप्त 22 करोड़ का अनुदान भी जारी किया जा चुका है।
जनजातीय विकास विभाग के प्रधान सचिव ओंकार शर्मा ने केंद्रीय मंत्री से सामुदायिक शौचालयों का निर्माण, कचरा प्रबंधन परियोजनाओं, सीवरेज उपचार संयंत्र, लघु परियोजनाएं, गौ सदन, मत्स्य
फार्म, सब्जी मंडी तथा पार्किंग जैसे विकासात्मक कार्यों को वन अधिकार अधिनियम की धारा 3 (2) में शामिल करने का आग्रह किया। बैठक में राज्य जनजातीय विकास विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।