बिलासपुर - 52894
चंबा - 54977
हमीरपुर - 65905
कांगड़ा - 186662
किन्नौर - 9023
कुल्लू - 43666
लाहौल-स्पीति - 4250
मंडी - 154256
शिमला - 79465
सिरमौर - 60985
सोलन - 51223
ऊना - 61172
कर्मचारी भविष्य निधि एवं बीमा योजना
सरकार का दावा है कि राज्य कर्मचारी बीमा योजना के तहत सोलन, परवाणू, बरोटीवाला, नालागढ़, बद्दी जिला सोलन, मैहतपुर, गगरेट, बाथरी जिला ऊना, पांवटा साहिब, कालाअंब जिला सिरमौर, बिलासपुर, मंडी, रती, नेरचौक, भंगरोटू, औद्योगिक क्षेत्र शोघी में लगभग 6500 संस्थानों में 2,41,250 बीमा कामगार कर्मचारियों को इस योजना के तहत लाया गया है।
ये हैं उम्मीदें
बिना शर्त युवाओं को बेरोजगारी भत्ता
औद्योगिक क्षेत्रों में 70 फीसदी हिमाचलियों को रोजगार
इंजीनियर का प्रशिक्षण पाने के लिए सस्ती शिक्षा
बेरोजगारों को बड़ी कंपनियों में पद पाने के लिए बेहतर स्किल
उद्योगों में बाहरी राज्यों की अपेक्षा प्रदेश के युवाओं को नौकरी में प्राथमिकता
15,711 बेरोजगार बढ़े
आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक हिमाचल में वर्ष 2016-17 में बेरोजगारों की संख्या 8,24,478 है। बीते 2015-16 की बात करें तो यह आंकड़ा 808767 था। इसमें 15,711 की वृद्धि हुई है।
क्या कहते हैं बेरोजगार युवा
पालमपुर की योगिता शर्मा, मंडी के कपिल गौतम, सोलन के रोहित ठाकुर, शिमला के राजीव शर्मा और बिलासपुर के प्रवेश शर्मा का मानना है कि हिमाचल में जिस किसी की भी सरकार रही हो, लेकिन युवाओं की ओर किसी का भी ध्यान नहीं गया।
सब चहेतों को सरकार की ओर से फायदा दिया गया है। हिमाचल में जयराम सरकार बनी है। ऐसे में उम्मीद है कि हिमाचल में बेरोजगारी पर लगाम लगेगा। उम्मीद है कि सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं में युवाओं को नौकरी मिलेगी।
बाली ने लड़ी थी बेरोजगारों की लड़ाई
पूर्व परिवहन मंत्री जीएस बाली ने बेरोजगारों की लड़ाई लड़ी थी। पूर्व कांग्रेस सरकार ने बेरोजगारी भत्ते की जगह कौशल विकास भत्ता दिया। बजट में इसके लिए एक सौ करोड़ का प्रावधान रखा गया, लेकिन उस समय विपक्ष में बैठी भाजपा ने इसका विरोध किया तो जीएस बाली ने इस मुद्दे पर अपनी ही सरकार को घेर लिया था। वीरभद्र सिंह ने अपने अंतिम बजट में बेरोजगारी भत्ता देने का एलान किया।