वहीं फोरलेन कंपनी की ओर से मार्ग को खोलने का कार्य शुरू कर दिया गया। करीब दो घंटे के बाद मार्ग को खोला जा सका। इस दौरान घटनास्थल के दोनों तरफ कई किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया।
करीब छह बजे मार्ग बहाल किया गया लेकिन यातायात पूरी तरह बहाल नहीं हो पाया। जाम में फंसे वाहन रेंग-रेंग कर गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। मार्ग बंद होने के बाद पर्यटक अपनी-अपनी गाड़ियों और बसों में बंद हो गए। करीब दो घंटे तक मार्ग के बंद होने से जाम बहुत अधिक हो गया था।
इसके चलते कालका-चंडीगढ़ से ट्रेन, बस और हवाई यात्रा करने वाले पर्यटकों को भी देरी हुई जिससे उन्हें खासी परेशानी झेलनी पड़ी। पुलिस की टीमें भी जगह-जगह जाम खुलवाने में जुट गई लेकिन जाम बहुत अधिक होने से घंटों बाद भी जाम को खुलवाया गया। इसके बाद भी वाहन रेंग-रेंग कर गुजर रहे थे।
दत्यार के पास दरकी पहाड़ी के मलबे में खुदाई कर रही कंपनी की पोकलेन मशीन भी चालक सहित इसके नीचे दब गई थी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम सहित फोरलेन के कर्मचारियों ने बड़ी सुझबूझ के साथ चालक को मलबे के नीचे से निकाला।
चालक को अधिक चोटें नहीं आई हैं। चालक को प्राथमिक उपचार देने के लिए सीएचसी धर्मपुर अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद सड़क से मलबे को हटाया गया। एसएचओ परवाणू श्याम तोमर ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी।
उन्होंने बताया पहाड़ी के दरकने से मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया जिससे सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं थीं। उन्होंने बताया कि करीब दो घंटे के बाद मार्ग को खुलवाया गया। इसके बाद धीरे-धीरे जाम को खुलवा दिया गया।