हिमाचल के उद्योगों में निर्मित दवाओं के सैंपल मानकों पर खरा नहीं उतर रहे हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के ताजातरीन जारी ड्रग अलर्ट में देशभर की 31 दवाओं में से हिमाचल के 7 उद्योगों की 8 दवाओं के सैंपल फेल हो गए है।
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इनमें आठ दवाओं और इंजेक्शन के लिए प्रयोग में लाया जाने वाला एक स्टेरिल वॉटर शामिल है। औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के 4, जबकि ऊना, कांगड़ा और पांवटा की एक-एक कंपनी का सैंपल फेल हुआ है। अलर्ट के बाद दवा नियंत्रक ने हिमाचल की फार्मा कंपनियों को नोटिस जारी कर पूरा बैच बाजार से हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं।
इन उद्योगों की निर्मित दवाएं हुईं फेल
बीबीएन की ऐफी पेरेंट्रल गुल्लरवाला की एपप्रिल 2.5 और एलप्रिल-5, स्कॉट एडिल फार्मास्यिूटिकल लिमिटेड ईपीआईपी झाड़माजरी की ट्रामिकॉर्ट, यूनिमार्क रेमेडिज लिमिटेड ईपीआईपी फेस-2 झाड़माजरी की सेजोट्रम 1जी, मेडीरोज ड्रग एंड फार्मास्यिूटिकल फेज-3 संसारपुर टैरेस की डायक्लोफेनक पोटाशियम, पीसीएम और सेरेटीपेटाइडेज, लेगेन हेल्थकेयर प्लाट-20 सेक्टर-5 परवाणू की
आयरन फॉलिक एसिड और थियोन फार्मास्यिूटिकल इंडस्ट्रियल एरिया पांवटा साहिब की सेफिजिम लैक्टिक एसिट बेसिलस शामिल हैं। औरेया हेल्थकेयर ईपीआईपी फेस-1 झाड़माजरी का स्टेराइल वॉटर फॉर इंजेक्शन का सैंपल फेल हुआ है। राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मरवाहा ने कहा कि प्रदेश के जिन उद्योगों के सैंपल फेल हुए है, उनका बैच मार्केट से वापस मंगवाने के आदेश दे दिए हैं।
सीडीएससीओ की ओर से करवाई गई जांच में प्रदेश के नामी दवा उद्योगों में निर्मित दवाओं के अलावा यूपी, पंजाब, हैदराबाद, बंगलूरू, गुजरात, हरियाणा, न्यू दिल्ली, फलगार वेस्ट, दिल्ली, मध्य प्रदेश की दवाएं शामिल हैं। सीडीएससीओ ने सैंपल सब जोन बद्दी, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, गाजियाबाद, मुंबई, जम्मू, एनटीसी दिल्ली, इंदौर, गोवा से लिए थे।
हिमाचल के उद्योगों के ईस्ट जोन कोलकाता, सीडीएससीओ दिल्ली, हैदराबाद, सब जोन बद्दी, मुंबई से लिए गए, जिनकी सीडीएल कोलकता, आरडीटीएल चंडीगढ़, सीडीटीएल मुंबई, सीडीएल कोलकाता की औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं में जांच करवाई गई है।