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Shimla: अदालत के समक्ष झूठा आश्वासन देने पर शिक्षा सचिव तलब, जानें पूरा मामला

Sun, 04 Dec 2022 10:59 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

प्रदेश हाईकोर्ट ने अदालत के समक्ष झूठा आश्वासन देने पर शिक्षा सचिव को तलब किया है। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ ने आरसी पांगी और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को भी अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं। 
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अदालत के समक्ष झूठा आश्वासन देने पर शिक्षा सचिव को तलब किया है। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ ने आरसी पांगी और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को भी अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं। मामले की सुनवाई 9 दिसंबर को निर्धारित की गई है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने अदालत को आश्वस्त किया था कि भोटी शिक्षक स्वामी राज की सेवाओं को 12 हफ्तों में नियमित कर दिया जाएगा। इस अवधि में जब याचिकाकर्ता की सेवाओं को नियमित नहीं किया गया तो इसकी जानकारी अदालत को दी गई। अदालत ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को अदालत के समक्ष तलब किया था। निदेशक न तो अदालत के समक्ष पेश हुआ और न ही अदालत से इसके लिए कोई अनुमति मांगी गई। अदालत को बताया गया कि प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ईटानगर के दौरे पर हैं और उसने अदालत के निर्णय के अनुसार याचिकाकर्ता की सेवाओं को नियमित करने की स्वीकृति मांगी है। 

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 मामले के अनुसार याचिकाकर्ता पिछले 20 साल से चंबा की प्राथमिक पाठशाला परमार भटौरी में भोटी शिक्षक के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा है। याचिकाकर्ता ने उसकी सेवाओं को नियमित करने के लिए याचिका दायर की थी। अदालत ने शिक्षा विभाग को आदेश दिए थे कि उसकी सेवाओं को नियमित किया जाए। इस निर्णय को लागू करने के लिए याचिकाकर्ता को दोबारा से आवेदन करना पड़ा। 20 जून 2022 को प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने अदालत को आश्वस्त किया था कि राज्य सरकार की ओर से 17 जून 2022 को दी गई अनुमति के आधार पर याचिकाकर्ता की सेवाओं को 12 हफ्तों के भीतर नियमित किया जाएगा। याचिकाकर्ता के आवेदन पर अदालत ने पाया कि शिक्षा विभाग ने अदालत के समक्ष झूठा आश्वासन देकर गुमराह करने की कोशिश की है।     

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