मामले पर क्या बोले विधायक और शिक्षा विभाग के अधिकारी
स्कूल में कमरों की कमी की समस्या को मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से उठाया गया है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा। -हरदीप बावा, विधायक
समस्या मेरे संज्ञान में है। स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) का प्रस्ताव उच्य अधिकारियों को भेजा जाएगा। -रामेश्वर दास, खंड शिक्षा अधिकारी रामशहर
विद्यार्थियों को एक कमरे में पढ़ाना मजबूरी
स्कूल में कमरों की कमी के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उपलब्ध सीमित कमरों में ही बच्चों को पढ़ाने की व्यवस्था करनी पड़ती है। यदि स्कूल में जल्द अतिरिक्त कमरों का निर्माण हो जाए, तो विद्यार्थियों को बेहतर और शांत शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा।
सतपाल, मुख्य अध्यापक, प्राथमिक पाठशाला गुनाह
कमरों की कमी से पढ़ाई हो रही है प्रभावित
कमरों की कमी के कारण दो-दो कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक ही कमरे में बैठाना पड़ रहा है। इस समस्या के चलते बड़ी कक्षाओं के विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। स्कूल में पर्याप्त कमरों की व्यवस्था हो जाए, तो बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा। दलेर सिंह, प्रधानाचार्य, वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गुनाह
स्थानीय नेताओं, विधायक से मिले आश्वासन
कई बार मांग उठाने के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं हुआ है। स्कूल में कमरों की कमी का मुद्दा कई बार स्थानीय विधायक के समक्ष भी उठाया जा चुका है। समिति ने निजी निधि या अन्य माध्यमों से अतिरिक्त कमरों का निर्माण करवाने की मांग की थी। अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। मनजीत कुमार, प्रधान, स्कूल प्रबंधन समिति
कमरों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही: नीता देवी
नीता देवी ने कहा कि कमरों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विधायक और अन्य नेताओं से यह मामला कई बार उठाया गया है। अब तक समाधान नहीं हो पाया है। भजनलाल और सुरेंद्र ने बताया कि वे बचपन में स्वयं इसी स्कूल में पढ़े हैं। समय के साथ स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या तो बढ़ी, लेकिन सुविधाओं और कमरों का विस्तार नहीं हुआ। इस समय विद्यार्थियों को कमरों की कमी से परेशानी हो रही है।