ग्रामीण विद्या उपासक वर्ग से नियमित हुए 1300 शिक्षकों को डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन (डीएलएड) के लिए जमा करवाई गई फीस वापस लौटाई जाएगी। शिक्षा विभाग ने फीस के तौर पर लिए पांच-पांच हजार रुपये लौटाने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल (एनआईओएस) को पत्र लिख दिया है। सरकार ने बीते साल ग्रामीण विद्या उपासकों को डीएलएड से छूट दी थी। बताया गया था कि ग्रामीण विद्या उपासकों ने जेबीटी स्पेशल सर्टिफिकेट प्राप्त किया है।
यह सर्टिफिकेट जेबीटी डिप्लोमा के बराबर है। ऐसे में इन्हें डीएलएड करने की जरूरत नहीं है। सरकार से छूट मिलने से पहले 1300 शिक्षक एनआईओएस के पास पांच-पांच हजार रुपये फीस जमा करवा चुके थे। शिक्षकों की मांग पर अब समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशालय ने एनआईओएस को पत्र लिखकर शिक्षकों की फीस के तौर पर जमा हुए करीब 65 लाख रुपये को लौटाने का पत्र लिखा है। सरकार की इस कार्रवाई से शिक्षकों को राहत मिली है।