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ग्रामीण विद्या उपासकों को लेकर शिक्षा विभाग ने लिया बड़ा फैसला

Wed, 03 Jul 2019 07:05 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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ग्रामीण विद्या उपासक वर्ग से नियमित हुए 1300 शिक्षकों को डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन (डीएलएड) के लिए जमा करवाई गई फीस वापस लौटाई जाएगी। शिक्षा विभाग ने फीस के तौर पर लिए पांच-पांच हजार रुपये लौटाने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल (एनआईओएस) को पत्र लिख दिया है। सरकार ने बीते साल ग्रामीण विद्या उपासकों को डीएलएड से छूट दी थी। बताया गया था कि ग्रामीण विद्या उपासकों ने जेबीटी स्पेशल सर्टिफिकेट प्राप्त किया है।

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यह सर्टिफिकेट जेबीटी डिप्लोमा के बराबर है। ऐसे में इन्हें डीएलएड करने की जरूरत नहीं है। सरकार से छूट मिलने से पहले 1300 शिक्षक एनआईओएस के पास पांच-पांच हजार रुपये फीस जमा करवा चुके थे। शिक्षकों की मांग पर अब समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशालय ने एनआईओएस को पत्र लिखकर शिक्षकों की फीस के तौर पर जमा हुए करीब 65 लाख रुपये को लौटाने का पत्र लिखा है।  सरकार की इस कार्रवाई से शिक्षकों को राहत मिली है। 

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यह है मामला

राज्य के सरकारी स्कूलों में तैनात ग्रामीण विद्या उपासकों को अप्रशिक्षित बताकर शिक्षा विभाग ने डीएलएड और ब्रिज कोर्स करने की शर्त लगाई थी। एनआईओएस के तहत इन शिक्षकों को कोर्स करना अनिवार्य किया था। ग्रामीण विद्या उपासकों ने इसका विरोध किया था।

शिक्षकों का कहना था कि साल 2011 में इन्हें विभाग ने नियमित किया था। नियमित करने से पहले जेबीटी का प्रशिक्षण दिलाया था। अब छह साल बाद डीएलएड करने की शर्त थोपना गलत है। इस मामले को ट्रिब्यूनल में भी चुनौती दी थी। ट्रिब्यूनल ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय से इस बाबत जवाब तलब किया था।
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