हिमाचल प्रदेश के नाम पर पश्चिम बंगाल के रानीगंज में 500 मेगावाट पावर प्रोजेक्ट के लिए हुए कोल आवंटन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया है।
यह मामला शिमला स्थित ईडी की ब्रांच में दर्ज हुआ है। इसकी पुष्टि प्रवर्तन निदेशालय शिमला शाखा के प्रभारी भूपेंद्र नेगी ने की है। इस प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय ने हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड प्रबंधन से तमाम रिकार्ड तलब किए हैं।
2006 में केंद्र की यूपीए सरकार के कार्यकाल में कोल आवंटन किया गया था। सूत्रों के अनुसार यह कोल आवंटन हिमाचल एटा और जिंदल ग्रुप को किया गया था, लेकिन इन दोनों कंपनियों की ओर से पावर प्रोजेक्ट बनाने का काम शुरू नहीं किया गया था।