कोरोना में आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद प्रदेश सरकार ने संतुलित बजट प्रस्तुत किया है। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने कही। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में बढ़िया बजट प्रदेश सरकार ने प्रस्तुत किया है। धूमल ने शानदार बजट पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को बधाई दी। कहा कि एक सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी, सर्वग्राही बजट प्रस्तुत किया गया है, जिसमें किसान, बागवान, पुष्प उत्पादक, पशुपालक, विद्यार्थी, कर्मचारी इत्यादि प्रत्येक वर्ग के हितों का ध्यान रखा गया है। समाज के प्रत्येक वर्ग को लाभ पहुंचाने का प्रयास इस बजट में किया गया है।
बजट लोगों की आशा के विपरीत : वीरभद्र
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश सरकार के बजट को लोगों की आशा के विपरीत बताते हुए कहा है कि घाटे से उबरने के लिए कुछ नहीं है। महज आंकड़ों को दर्शाकर केंद्र सरकार की योजनाओं को प्रदेश के बजट में शामिल कर लोगों को लुभाने का असफल प्रयास किया है। उन्होंने इसे दिशाहीन बताया है। बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई से निपटने के कोई भी कारगर उपाय नहीं हैं। आम लोगों को भी कोई राहत नहीं है।
आंकड़ों का मायाजाल है भाजपा का बजट : राठौर
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि भाजपा की ओर से पेश किया गया बजट पूरी तरह से आंकड़ों का मायाजाल है। उन्होंने कहा कि जब भाजपा को पता नहीं कि प्रदेश में कितने युवकों का रोजगार कोरोना काल में छूटा है। ऐसे में वह किस हिसाब से युवाओं के लिए बजट बना रही है। बजट में कुछ भी खास नहीं है।
बजट नीरस, किसानों और बेरोजगारों की नहीं कोई राहत: सुक्खू
शिमला। विधायक और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा सरकार के बजट को नीरस बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने लाखों बेरोजगारों, किसानों और कर्मचारियों की बजट में अनदेखी की है। किसानों और बेरोजगारों को लेकर कोई राहत नहीं है। उन्होंने सरकार से पूछा है कि 12 लाख बेरोजगारों को रोजगार कैसे मिलेगा? बजट में इसका कोई जिक्र नहीं है।
प्रदेश के बजट से हर वर्ग हुआ निराश: मुकेश
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश के वर्ष 2021-2022 के वार्षिक बजट से प्रदेश का हर वर्ग निराश हुआ है। केंद्र सरकार की योजनाओं को बजट में शामिल किया गया है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्यपाल ने अपना अभिभाषण चंद मिनट में खत्म कर दिया था और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को बजट पढ़ने में तीन घंटे लग गए। जबकि बजट में किसानों, बागवानों, युवाओं और बेरोजगारों की उपेक्षा की गई है। बजट पूरी तरह से दिशाहीन है।
बजट खटारा गाड़ी जैसा, हादसों की संभावना बढ़ी : सिंघा
माकपा विधायक राकेश सिंघा ने कहा है कि प्रदेश सरकार का बजट खटारा गाड़ी की तरह है। सरकार ने बजट रूपी ऐसी खटारा गाड़ी को पेंट कर दिया है जिसमें ना तो ब्रेक है और ना ही एक्सीलेटर। अब ऐसी गाड़ी को चलाया जाएगा तो हादसे की संभावना बढ़ेगी। सिंघा ने कहा कि असली हालत आर्थिक सर्वेक्षण में दिखाई गई है। सरकार को रणनीति बदलने की जरूरत है। आय बढ़ाने के लिए कोई बात नहीं की गई है। किसी भी वर्ग को राहत नहीं दी गई है। आने वाले समय में परिस्थितियां कठिन हो जाएंगी।
बीबीएनआईए ने बताया संतुलित और दूरदर्शी बजट
बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़ उद्योग संघ (बीबीएनआईए) ने प्रदेश सरकार के बजट को संतुलित, प्रगतिशील और दूरदर्शी बताया है। संघ का मानना है कि सरकार को बजट से पहले जो सुझाव दिए थे, सरकार ने उन मांगों को पूरा किया है। इससे औद्योगिक क्षेत्र के विकास को पंख लगेंगे। संघ के अध्यक्ष संजय खुराना ने कहा कि प्लास्टिक की ईंट और टाइलें बनाने का फैसला स्वागत योग्य है। फूड इकाइयों को संगठित क्षेत्र में लाने, खिलौना और हथकरघा उद्योग के लिए क्लस्टर बनाने की भी प्रशंसा की।