प्रॉस्पेक्ट्स जारी होने से पहले सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।एमबीबीएस, बीडीएस सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग कमेटी के चेयरमैन और चिकित्सा शिक्षा निदेशक डा. रवि चंद शर्मा ने माना कि इसी सत्र से दोनों मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में गरीब सवर्णों को दस फीसदी आरक्षण एमसीआई और सरकार के आदेशानुसार लागू किया जा रहा है।
आवेदन की प्रक्रिया और आरक्षण लागू करने पर शुक्रवार को फैसला लिया जाएगा। उधर, काउंसलिंग कमेटी के सदस्य सचिव एवं विवि के परीक्षा नियंत्रक डा. जेएस नेगी का कहना है कि आदेश मिलते ही प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
हिमाचल के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 600 एमबीबीएस सीटें हैं। इनमें आईजीएमसी शिमला, टांडा मेडिकल कॉलेज, नैरचौक (मंडी), नाहन, चंबा और हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में 100-100 सीटें हैं। एमएमयू मेडिकल (निजी) कॉलेज, कुमारहट्टी सोलन में 150 सीटें हैं।
वहीं, डेंटल कॉलेजों में 340 बीडीएस सीटें हैं। इनमें गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज शिमला, भुजिया डेंटल (निजी) कॉलेज नालागढ़, एमएनडीएवी (निजी) कॉलेज सोलन और हिमाचल डेंटल (निजी) कॉलेज सुंदरनगर में 60-60 सीटें हैं। हिमाचल इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस (निजी) पांवटा साहिब में 100 सीटें हैं।
मेडिकल कॉलेज एमबीबीएस सीटें
आईजीएमसी, शिमला 100
टांडा मेडिकल कॉलेज 100
नैरचौक मेडिकल कॉलेज 100
नाहन मेडिकल कॉलेज 100
चंबा मेडिकल कॉलेज 100
हमीरपुर मेडिकल कॉलेज 100
सरकारी कॉलेजों की कुल सीटें 600 सीटें
एमएमयू मेडिकल (निजी) कॉलेज, कुमारहट्टी (सोलन) 150 सीटें
गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज शिमला 60 सीटें
भुजिया डेंटल (निजी) कॉलेज नालागढ़ 60 सीटें
एमएनडीएवी (निजी) कॉलेज सोलन 60 सीटें
हिमाचल डेंटल (निजी) कॉलेज सुंदरनगर 60 सीटें
हिमाचल इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस (निजी) पांवटा 100 सीटें