हिमाचल का जीडीपी 1,65,472 करोड़ रहने का अनुमान
चालू वित्तीय वर्ष 2019-20 का जीडीपी भी 1,65,472 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। वर्ष 2018-19 में यह 1,53,845 करोड़ रुपये था।
हिमाचल सरकार के खर्चे बढ़ गए
वर्ष 2019-20 में राजस्व व्यय में 8.02 प्रतिशत की वृद्धि की संभावना है। पूंजीगत व्यय में वृद्धि वर्ष 2013-14 के 5.06 प्रतिशत की तुलना में वर्ष 2019-20 में 6.40 प्रतिशत अनुमानित है।
मुद्रास्फीति घटी
थोक मूल्य सूचकांक पर मुद्रास्फीति में वर्ष 2015-16 और वर्ष 2018-19 के बीच बढ़ोतरी देखी गई। वर्ष 2018-19 में यह 4.7 प्रतिशत थी, वहीं वर्ष 2019-20 में घटकर 1.5 प्रतिशत रह गई है।
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि विश्वव्यापी आर्थिक मंदी से हिमाचल प्रदेश भी अछूता नहीं रह पाया है। हिमाचल सरकार ने पिछले साल आर्थिक विकास दर में बढ़ोतरी की थी। सरकार आगे भी प्रयासरत है कि यह विकास दर बढ़े।
शैक्षणिक सत्र 2019-20 के दौरान प्रदेश में 30 एएनएम, 1540 जीएनएम, 1780 बीएससी, नर्सिंग और 181 एमएससी नर्सिंग की सीटें सरकारी और निजी संस्थानों अनुमोदित की गई हैं। इन सीटों को भरने की प्रक्रिया जारी है।
प्रदेश सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी है। इसके साथ ही 61 विद्यार्थी पैरा मेडिकल कोर्सों के विभिन्न विषयों में आईजीएमसी शिमला और टांडा में दाखिल किए गए हैं।
भारतीय दंत चिकित्सा परिषद की ओर से दंतमहाविद्यालय के लिए 17 पीजी सीटें और 75 बीडीएस सीटों का अनुमोदन किया गया है। डेंटल मैकेनिक और डेंटल हाईजीनिस्ट के डिप्लोमा कोर्स में सत्र 2019-20 के प्रत्येक में 20 विद्यार्थियों को प्रवेश देकर कक्षाएं शुरू की गई हैं।