हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद की मंगलवार को हुई बैठक में चार नए कोर्सों को मंजूरी दी गई। वहीं स्नातक कक्षाओं (यूजी) की डिग्री को डिजिटाइज्ड करने का फैसला लिया गया। इस दौरान वित्त वर्ष 2021-22 के लिए बजट पारित किया गया। 284 करोड़ के इस कुल बजट को 25 करोड़ के घाटे के साथ स्वीकृति प्रदान की गई है। बैठक में छात्रों और कर्मचारियों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।
कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ईसी ने केसंग योदोन प्रोजेक्ट एसोसिएट, ऑस्ट्रेलिया एवं न्यूजीलैंड अध्ययन केंद्र की सेवाओं को स्वयं वित्त पोषित करने को स्वीकृति प्रदान की। विवि में शुरू किए गए नए कोर्स बी.लिब, एम.लिब, एमए रक्षा एवं सामरिक अध्ययन के लिए फ ीस स्ट्रक्चर को अनुमोदित किया है, जिसे लागू कर दिया जाएगा। यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट आफ टेक्नालॉजी (यूआईटी) को सुचारु रूप से चलाने के लिए विभागों को छ: अलग-अलग विभागों मे आवंटित करने की स्वीकृति प्रदान की।
इसमें विवि में स्थापित की गई विभिन्न पीठों के अध्यक्षों के लिए छुट्टियों से संबंधित समिति की सिफारिशों को स्वीकृति दी गई। शिक्षकों की भर्तियों की प्रक्रिया के तहत विभिन्न विभागों में भरे गए आचार्यों, सह- आचार्यों तथा सहायक आचार्यों के पदों को स्वीकृति प्रदान करने के साथ चार नए विभागों आर्कोलॉजी, पापुलेशन स्टडीज, डाटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिपार्टमेंट ऑफ फोरेंसिक साइंस को चलाने को भी स्वीकृति प्रदान कर दी है। परिषद ने बीडीएस की ऑनलाइन काउंसलिंग के लिए मै0 प्रोफ ाइसिस टेक्नालॉजी प्राइवेट लिमिटेड की दरों को स्वीकृति दी।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों के भविष्य निधि खातों को सरकार के नियमानुसार अपनाने की स्वीकृति दी गई। वहीं प्रो. अनुपमा सिंह लोक प्रशासन विभाग इक्डोल की प्रतिनियुक्ति को एक साल को बढ़ाया गया। ईसी ने पूर्ण दत्त और जगदीश राम ठाकुर को भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में तीन माह की छूट देकर उप-कुलसचिव के पद पर और अशोक कुमार वर्मा, मदन गोपाल शर्मा को वरिष्ठ निजी सचिव के पद पर पदोन्नति देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। अधिशासी अभियंता ऑटो किशोरी लाल और सहायक कुलसचिव स्थापना शाखा विजय सिंह की सेवाओं को एक वर्ष का विस्तार देने की स्वीकृति दी।