प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 16 से 19 अक्तूबर तक आयोजित हुई ई पीटीएम सोमवार को संपन्न हुई। इस दौरान पहली से 12वीं कक्षा तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लाखों अभिभावकों के साथ शिक्षकों ने ऑनलाइन संवाद किया। अब अभिभावकों के सुझावों और स्कूलों में नामांकित विद्यार्थियों और कमरों की संख्या के हिसाब से हर स्कूल का माइक्रो प्लान तैयार होगा। समग्र शिक्षा अभियान का राज्य परियोजना कार्यालय अब सभी स्कूलों के प्लान को एकत्र कर सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगा।
इस रिपोर्ट के आधार पर आगामी दिनों में हिमाचल में स्कूलों को खोलने का फैसला लिया जाएगा। 15 अक्तूबर को शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने ई पीटीएम की आधिकारिक शुरूआत की थी। इस दौरान उन्होंने कई अभिभावकों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और विभागीय अधिकारियों के साथ ऑनलाइन संवाद किया था।
16 से 19 अक्तूबर तक प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में ई पीटीएम आयोजित हुई। ई पीटीएम के तहत कितने अभिभावकों के साथ संवाद किया गया। इसकी रिपार्ट एक-दो दिन के भीतर तैयार होगी। मंगलवार शाम तक सभी स्कूलों से इस बाबत ब्योरा देने को कहा गया है। इसी कड़ी में सभी हेडमास्टरों और प्रिंसिपलों को स्कूल खोलने के लिए माइक्रो प्लान बनाने को भी कहा है।
विद्यार्थियों की संख्या, स्कूलों में कमरों की संख्या के हिसाब से प्लान बनाए जाने हैं। अगर स्कूल खोले जाते हैं तो विद्यार्थियों को किस प्रकार से पर्याप्त शारीरिक दूरी बनाते हुए कक्षाओं में बिठाया जा सकता है। इसी पूरी जानकारी माइक्रो प्लान के तहत दी जानी है। इसके अलावा स्कूलों को खोलने के बारे में अभिभावकों का क्या मत है। इसे भी माइक्रो प्लान में शामिल किया जाना है।