हिमाचल प्रदेश के दाड़लाघाट और बरमाणा में सीमेंट प्लांट बंद होने के तीसरे दिन अदाणी समूह का आधिकारिक बयान आया है। समूह के प्रवक्ता विकास की ओर से जारी बयान में कंपनी को आधिकारिक तौर पर शुक्रवार दोपहर 12:00 बजे से बंद करने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि इससे दाड़लाघाट व उसके आसपास कंपनी से जुड़े करीब 9,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हो रहे हैं। इससे प्रदेश के राजस्व में भी रोजाना 2.26 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। क्षेत्र में रोजगार देने के बावजूद बरमाणा और दाड़लाघाट में हमारे संयंत्र पिछले कुछ समय से घाटे में चल रहे हैं।
अत्यधिक भाड़ा दरों की मांग करने वाली ट्रक यूनियनों के अड़ियल रवैये की उन्होंने निंदा की। कहा कि कंपनी इन मुद्दों को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने के लिए ट्रक यूनियनों व अन्य सभी पक्षों से सहयोग चाहती है। वह इस मुद्दे को हल करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में ट्रक संघ सीमावर्ती राज्यों और राष्ट्रीय औसत की तुलना में इस क्षेत्र में सबसे अधिक माल ढुलाई दर वसूलते हैं। हिमाचल प्रदेश में हमारे संयंत्र क्षेत्रों में माल ढुलाई दर बाजार दर से बहुत अधिक है। ट्रक मालिकों से बार-बार अनुरोध किया है कि प्रदेश सरकार की ओर से गठित स्थायी समिति की रिपोर्ट की सिफारिशों के अनुरूप मौजूदा प्रचलित भाड़े को घटाकर 6 रुपये प्रति टन प्रति किलोमीटर कर दिया जाए।
सीमेंट प्लांट से जुड़े 12 हजार से ज्यादा ट्रक कर्ज पर
हिमाचल में कुल 15,500 छोटे-बड़े ट्रक कच्चा और तैयार माल की ढुलाई करने में लगे हुए है। इनमें से करीब 12,000 ट्रक ऐसे है जो अभी कर्ज पर चल रहे है। ट्रांसपोर्टर 50 से 80 हजार रुपये प्रति माह लोन की किस्त दे रहे हैं। अब प्लांट बंद होने से ट्रकों की किस्त भरने का संकट खड़ा हो जाएगा। हर माह में एक ट्रक को सीमेंट कंपनी में छह से सात चक्कर मिलते हैं। सात चक्कर लगाने के बाद एक ट्रक ऑपरेटर अपने सभी खर्च को काटकर 25 से 30 हजार रुपये बचा रहा है। इससे वह अपने परिवार के दो से चार सदस्यों, बच्चों का स्कूल समेत अन्य घर के खर्चे पूरा कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार सीमेंट प्लांट में दाड़लाघाट से करीब 3,700, बिलासपुर के 3,800 और नालागढ़ के 8,000 ट्रक कच्चा और तैयार माल की ढुलाई में लगे हुए है। बाघल लैंड लूजर के पूर्व अध्यक्ष रामकृष्ण शर्मा ने बताया कि प्रदेश में सीमेंट कंपनियों से करीब 15,500 ट्रक जुड़े हैं। इनमें 80 फीसदी ट्रक बैंकों से लोन पर चल रहे हैं।
नेताओं के भी लगे हैं ट्रक
कंपनी में आम लोगों के ही नहीं बल्कि पार्टी से जुड़े कई नेताओं के ट्रक भी हैं। इसमें विधानसभा उपाध्यक्ष रहे स्वर्गीय धर्मपाल ठाकुर के बेटे संजय ठाकुर, माकपा से चुनाव लड़ चुके रामकिशन शर्मा, पूर्व में अर्की से भाजपा मंडल अध्यक्ष रहे बालक राम शर्मा सहित अन्य कई छोटे बड़े कांग्रेस और भाजपा नेताओं के दर्जनों ट्रक इसमें चल रहे हैं।