राजधानी शिमला में सोमवार दोपहर बाद बादल झमाझम बरसे। शहर में करीब एक घंटा 22 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। नाहन, सोलन, मनाली ऊना और भुंतर में भी मूसलाधार बारिश हुई है। मंडी के बागी नाला में बादल फटने से आई बाढ़ के चलते एक स्कूल भवन ढह गया। शिक्षा विभाग को इससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। नाले के बहाव में एक महिला गोशाला समेत बह गई हैं। इनका अभी तक सुराग नहीं लग पाया है। बिलासपुर जिले में मक्की की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। झंडूता की आधा दर्जन पंचायतों में मक्की की फसल बह गई है।
102.38 करोड़ रुपये का नुकसान
मानसून की दस्तक के तीन दिन के भीतर 102.38 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जलशक्ति विभाग को इससे 73.68 करोड़ और लोक निर्माण विभाग को 27.79 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
बस्सी, शानन पावर हाउस में विद्युत संकट गहराने की आशंका
बरोट रेजर वायर की ट्रेस लाइन में कचरा और गाद भरने से जोगिंद्रनगर की बस्सी, शानन पावर हाउस में विद्युत संकट गहराने की आशंका है। शानन परियोजना की 15 मिलियन क्यूसिक फीट की रेजर वायर का जलस्तर बढ़ने पर विद्युत परियोजनाएं हाई अलर्ट पर हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आम लोगों और पर्यटकों से नदी-नालों के समीप नहीं जाने की अपील की है।
आज भी भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
प्रदेश के कई क्षेत्रों में मंगलवार को भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। 28 से 30 जून तक बारिश का यलो अलर्ट है। शिमला, सोलन, सिरमौर और मंडी जिला में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार मानसून इस दौरान पूरी तरह से सक्रिय है।