उन्होंने बताया कि डक्ट की अनुमानित लागत 260 करोड़ रुपये से अधिक है, जो आने वाले समय में और बढ़ने की संभावना है। केशव चौहान ने कहा कि छोटा शिमला से मालरोड के रास्ते में करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डक्ट प्रोजेक्ट में मानकों की अनदेखी की गई है। जिलाध्यक्ष ने मांग की कि इस डक्ट प्रोजेक्ट की लागत, आवश्यकता और लाभ को लेकर सरकार श्वेत पत्र जारी करें और जनता को स्पष्ट बताएं कि इस पर खर्च किए जा रहे करोड़ रुपये का आखिर जनता को क्या फायदा होगा। ब्यूरो