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मौसम की मार: बीबीएन में चार हजार हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की फसल नष्ट

Thu, 25 Jan 2024 10:37 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, बद्दी(सोलन)

सार

किसानों को बीज का पैसा निकालना भी मुश्किल है। वहीं, क्षेत्र में चारे की समस्या पैदा हो गई है। बीबीएन में 11,000 हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की फसल लगाई गई है। 
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गेहूं की फसल नष्ट - फोटो : संवाद
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विस्तार
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 बीबीएन में गेहूं की फसल पर सूखे की मार पड़ गई है। करीब 4,000 हेक्टेयर जमीन पर लगी फसल सूख गई है। नवंबर के पहले सप्ताह में यहां पर बारिश हुई थी उसके बाद बारिश नहीं हुई। किसानों को बीज का पैसा निकालना भी मुश्किल है। वहीं, क्षेत्र में चारे की समस्या पैदा हो गई है। बीबीएन में 11,000 हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की फसल लगाई गई है। 4,000 हेक्टेयर जमीन पर किसानों ने नवंबर के पहले सप्ताह में हुई बारिश के बाद गेहूं की बिजाई कर दी थी। यहां पर गेहूं नमी होने से उग तो गई लेकिन उगने के बाद बिना पानी के मुरझा गई। रामशहर पंचायत की प्रधान कृष्णा देवी, सरौर के धर्मपाल चंदेल, साई के मेहर चंद ने बताया कि किसानों ने महंगा बीज लगाया था। उन्हें उम्मीद थी कि अच्छी बारिश होने का फायदा मिलेगा और गेहूं का अच्छा उत्पादन होगा लेकिन उनकी सभी उम्मीदों पर बारिश न होने से पानी फिर गया।

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हालत यह है कि पशुओं के लिए चारा भी नहीं बचा है। सिंचित क्षेत्र में भी गेहूं में वह बात नहीं है जो बारिश होने के बाद होती है। किसान लगातार खेत में पानी लगा रहे हैं। उससे गेहूं की फसल पतली पड़ गई है और तने नहीं निकले। पैदावार पर बारिश न होने से काफी असर देखने को मिल रहा है। कृषि विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ डाॅ. प्रेम ठाकुर ने बताया कि असिंचित क्षेत्र में गेहूं को शत-प्रतिशत नुकसान हो गया है। किसानों के सामने जहां अनाज की कमी हो जाएगी, वहीं पशुओं के लिए चारा भी नहीं होगा। जनवरी सूखा ही निकल गया है। अब बारिश अगर हो भी जाती है तो फसल नहीं होगी। चारा जरूर हो जाएगा।

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