हिमाचल में सेब बागवानी से करीब एक लाख परिवार सीधे तौर पर जुडे़ हुए हैं। बड़े पैमाने पर सेब बागवानी होने से लाखों लोग इससे जुड़े हैं। बागवान सुरेंद्र लालटा ने बताया कि हिमाचल में बागवानी का करीब 85 फीसदी क्षेत्र बारिश पर निर्भर है।
हिमाचल में शिमला, कुल्लू, किन्नौर, लाहौल के अलावा सिरमौर, कांगड़ा, मंडी और चंबा जिले के कई क्षेत्रों में सेब बागवानी होती है। आलू, मटर के लिए लाहौल-ऊना और टमाटर उत्पादन के लिए सोलन जिला मशहूर हैं।
बागवानी विभाग के विषयवस्तु विशेषज्ञ डा. देंवेद्र ठाकुर का कहना है कि दिसंबर, जनवरी में बारिश-बर्फबारी होना बहुत जरूरी है। अगर जल्द बारिश न हुई तो आने वाले समय इसका सेब बागवानी पर बुरा असर पडे़गा।
सेब के पौधों के लिए वांछित चिलिंग आवर्स पूरे होने पर संशय खड़ा हो गया है।
- सालाना सेब उत्पादन : 8 लाख मीट्रिक टन
- सेब बागवानी से जुडे़ परिवारों की संख्या : 1 लाख
- सेब का प्रति हेक्टेयर उत्पादन : 10 मीट्रिक टन तक