अस्पतालों में लालिमा और खुजली के मरीज बढ़े, आंखों में जलन की भी आ रही हैं शिकायतें
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चिकित्सकों ने दी बिना जांच के दवा न लेने की सलाह अमर उजाला ब्यूरो शिमला। शुष्क मौसम और देवदार पेड़ों से झड़ रहे परागकणों (पोलन) का लोगों की सेहत पर असर पड़ने लगा है। इसके चलते त्वचा पर एलर्जी, लालिमा और खुजली की शिकायतें आ रही हैं।
आंखों में भी जलन और लालिमा की समस्या बढ़ रही है। ऐसे में दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जोनल अस्पताल और इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) की चर्म रोग और नेत्र रोग ओपीडी में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पताल में रोजाना 20 से 25 मरीज शुष्क त्वचा और परागकणों से संबंधित समस्याओं के उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यदि आगामी दिनों में भी मौसम शुष्क बना रहता है, तो ऐसे मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। चिकित्सकों ने लोगों को त्वचा की देखभाल करने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। शरीर पर रैशेज या एलर्जी के अन्य लक्षण दिखाई देने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाइयों का इस्तेमाल न करने का आग्रह किया है। बीते कई दिनों से राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बारिश नहीं होने से मौसम शुष्क बना हुआ है। इससे त्वचा में रूखापन बढ़ रहा है। वहीं पेड़ों से झड़ रहे परागकणों के कारण एलर्जी की समस्या भी बढ़ रही है। इस वजह से डीडीयू जोनल अस्पताल और आईजीएमसी की चर्म रोग एवं नेत्र रोग ओपीडी में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
ऐसे करें परागकणों से बचाव घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें
बाहर निकलते समय मास्क और धूप का चश्मा पहनें घर लौटने के बाद चेहरे और हाथों को साफ करें बिस्तर और कमरे को साफ रखें
इनसेट
त्वचा का रूखापन दूर करने के उपाय नहाने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें त्वचा पर नियमित रूप से मॉइस्चराइजर लगाएं त्वचा के अनुकूल उत्पादों का इस्तेमाल करें संतुलित आहार लें और पर्याप्त पानी पीयें
परागकणों से बचाव जरूरी इन दिनों पेड़ों से परागकण झड़ रहे हैं, जिनका लोगों की सेहत पर असर पड़ सकता है। लोगों को इनसे बचाव के लिए सावधानी बरतनी चाहिए। त्वचा में रूखापन होने पर मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करना चाहिए। -डॉ. योगराज, चर्म रोग विशेषज्ञ, डीडीयू अस्पताल