आय और संपत्तियों में मिला बड़ा अंतर
मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत की गई वित्तीय जांच के दौरान आरोपी और उसके निकट सहयोगियों की वित्तीय गतिविधियों, संपत्तियों तथा आय के वैध स्रोतों की जांच की गई। इस दौरान एक आवासीय भूमि प्लॉट, एक कृषि भूमि का प्लॉट, दो मंजिला दुकान, एक वाहन तथा बैंक और डाकघर खातों में जमा राशि समेत कुल करीब 1.64 करोड़ रुपये की संपत्तियों की पहचान हुई। पुलिस के मुताबिक वित्तीय दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ये संपत्तियां प्रथम दृष्टया मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से अर्जित आय से जुड़ी पाई गईं। आरोपी की आय और उसकी संपत्तियों के बीच भी पर्याप्त अंतर पाया गया। इसके आधार पर एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत इन संपत्तियों को सीज किया गया।
2026 में 12 मामलों में 8 करोड़ से अधिक की संपत्ति सीज
शिमला पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक 12 एनडीपीएस मामलों में वित्तीय जांच की गई है और इस प्रक्रिया के तहत 8 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की चल-अचल एवं वित्तीय संपत्तियां सीज की जा चुकी हैं। पुलिस के अनुसार वर्ष 2024 और 2025 में एनडीपीएस मामलों में इस प्रकार की कोई वित्तीय जांच और संपत्ति सीज करने की कार्रवाई नहीं हुई थी। पुलिस का कहना है कि अब नशे के खिलाफ कार्रवाई केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। नशे के कारोबार से अर्जित अवैध धन और उससे बनाई गई संपत्तियों की पहचान कर उन्हें सीज करना भी कार्रवाई का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।