नशा माफिया की नजर अब स्कूली बच्चों पर है। नशे के धंधे से जुड़े लोग अपने कारोबार बढ़ाने के लिए स्कूली बच्चों को नशे की लत लगा रहे हैं। स्कूल प्रबंधन समितियों ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि नशा माफिया पर कड़ी कार्रवाई करें।
लालपानी स्कूल के आसपास भी कुछ ऐसे असामाजिक तत्व सक्रिय हैं। यह बच्चों को नशे की डोज बेच रहे हैं। यही नहीं कुछ बच्चे तो चरस के आदी भी हो चुके हैं। लिखित शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने मामले के छानबीन के निर्देश दे दिए हैं।
नशे के सौदागरों का ब्यौरा एकत्रित किया जा रहा है। इनमें उन स्कूली छात्रों पर भी निगरानी रखी जा रही है जो चरस की गिरफ्त में आ चुके हैं। पता लगाया जा रहा है कि कौन लोग उन्हें नशे का सामान मुहैया करवा रहे हैं।
लालपानी स्कूल में करीब 1200 छात्र पढ़ रहे हैं। स्कूली छात्रों के अभिभावकों का कहना है कि स्कूल के आसपास नशे के सौदागर बच्चों को पहले अपने जाल में फंसाते हैं उसके बाद उन्हें चरस की लत लगा देते हैं।
स्कूली छात्र नशे में बस अड्डे के आस पास घूमते रहते हैं। बस अड्डों पर ही उन्होंने अपना ठिकाना बनाया हुआ है। नशे के सौदागर भी संदिग्ध परिस्थितियों में स्कूलों और बस अड्डों के आसपास घूमते रहते हैं।
पुलिस कर रही है छानबीन- डीएसपी सिटी बलबीर सिंह ने कहा कि लालपानी स्कूल प्रबंधन समिति की ओर से उन्हें शिकायत मिली है। इसकी छानबीन की जा रही है। संदिग्धों पर नजर रखने के निर्देश दे दिए हैं।
बाहरी लोगों पर नजर रखना मुमकिन नहीं- लालपानी स्कूल के प्रिंसिपल संजय मेहता ने कहा कि वीरवार को स्कूल प्रबंधन समिति की बैठक थी उसमें अभिभावकों की ओर से नशे का यह मुद्दा गंभीरता से उठाया गया। छात्रों के मोबाइल फोन स्कूल लाने पर प्रतिबंध है।
अभिभावकों के सामने ही प्रार्थनासभा में छात्रों को चेक किया तो 67 मोबाइल मिले। इन्हें परिजनों को सौंपा जाएगा। छात्रों पर स्कूल प्रबंधन की नजर है लेकिन बाहरी लोगों पर निगरानी रख पानी प्रबंधन के लिए मुमकिन नहीं है।