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ड्रोन भी नहीं लगा पाया लापता बच्ची का सुराग, इनकी शरण में पहुंचे परिजन

Fri, 06 Jul 2018 11:28 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नेरवा/नौहराधार (सिरमौर)
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धार्मिक स्थल चूड़धार के रास्ते में तीसरी नामक स्थान से अचानक लापता हुई पांच साल की श्रुति की तलाश के अब तक के तमाम प्रयास नाकाम हो गए हैं। चौथे दिन ड्रोन, पुलिस, होमगार्ड, वन विभाग और तीन पंचायतों चौपाला, नौहराधार और संगड़ाह के सैकड़ों लोगों ने चूड़धार के जंगलों में बच्ची की तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग पाया।

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बच्ची की तलाश के लिए लोग देवताओं की शरण में भी गए। चूड़धार यात्रा के दौरान लापता हुई श्रुति आखिर कहां गायब हो गई। इसको लेकर कई अटकलें लगाई जा रही हैं। चार दिन बीत जाने के बाद भी उसका पता नहीं चला, लेकिन उम्मीद अभी भी बरकरार है।

वीरवार को चुड़ेश्वर सेवा समिति ने ड्रोन की मदद से बच्ची को तलाशने के प्रयास किए। ड्रोन कैमरे से उन खतरनाक ढांकों पर बच्ची की तलाश की गई, जहां पर सर्च टीम नहीं पहुंच पाई।
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लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। पुलिस, वन विभाग के अलावा विभिन्न विभागों के कर्मचारी दिन-रात बच्ची की तलाश में जुटे हैं। वीरवार को एएसपी वीरेंद्र ठाकुर भी नौहराधार पहुंचे।

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बच्ची की तलाश के लिए देवपूछ

चूड़धार यात्रा के दौरान लापता हुई पांच साल की बच्ची श्रुति की तलाश के लिए अब लोग देवताओं की शरण में पहुंच गए हैं। देवपूछ के माध्यम से भी बच्ची को तलाश करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि इसमें भी अभी तक कोई सफलता नहीं मिल पाई है।

खोजी कुत्तों के अलावा ड्रोन कैमरे की भी सहायता ली गई। एसडीएम राजेश धीमान ने बताया कि बच्ची की तलाश के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है।

जिस स्थान से सोमवार को बच्ची लापता हुई थी, उसी स्थान पर बुधवार को तेंदुए ने दो बकरों को अपना शिकार बनाया था। सर्च ऑपरेशन के दौरान बकरे के कंकाल मिले हैं। ऐसे में बच्ची को लेकर लोगों और परिजनों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

जिस स्थान से बच्ची लापता हुई है, वहां से पहले भी दस साल का एक बच्चा लापता हुआ है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2015 में गुज्जर समुदाय का एक बच्चा यहां लापता हुआ था, जिसका आज तक कोई पता नहीं चल पाया। अब गुज्जर समुदाय ने अपना डेरा ही छोड़ दिया है। 
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