चूड़धार यात्रा के दौरान लापता हुई पांच साल की बच्ची श्रुति की तलाश के लिए अब लोग देवताओं की शरण में पहुंच गए हैं। देवपूछ के माध्यम से भी बच्ची को तलाश करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि इसमें भी अभी तक कोई सफलता नहीं मिल पाई है।
खोजी कुत्तों के अलावा ड्रोन कैमरे की भी सहायता ली गई। एसडीएम राजेश धीमान ने बताया कि बच्ची की तलाश के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है।
जिस स्थान से सोमवार को बच्ची लापता हुई थी, उसी स्थान पर बुधवार को तेंदुए ने दो बकरों को अपना शिकार बनाया था। सर्च ऑपरेशन के दौरान बकरे के कंकाल मिले हैं। ऐसे में बच्ची को लेकर लोगों और परिजनों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
जिस स्थान से बच्ची लापता हुई है, वहां से पहले भी दस साल का एक बच्चा लापता हुआ है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2015 में गुज्जर समुदाय का एक बच्चा यहां लापता हुआ था, जिसका आज तक कोई पता नहीं चल पाया। अब गुज्जर समुदाय ने अपना डेरा ही छोड़ दिया है।