कोरोना की पहली लहर के दौरान वह क्वारंटीन सेंटर और कोविड केयर सेंटर में सेवाएं दे चुके हैं। आजकल प्री फेब्रिकेटिड कोविड सेंटर पालकवाह में बतौर नोडल अधिकारी सेवारत हैं। कोरोना सैंपलिंग से लेकर संक्रमितों का उपचार कर चुके हैं।
कोरोना से लड़ी जा रही जंग में मेडिकल स्टाफ फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में सेवाएं दे रहा है। ऐसे ही ड्यूटी और सेवा को संपूर्ण समर्पण के साथ निभाने में हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के ललड़ी के डॉ. संजीव धीमान मिसाल बनकर उभरे हैं। कोरोना योद्धा डॉ. धीमान डेढ़ साल से लगातार सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने इस दौरान कोई छुट्टी भी नहीं ली। यहां तक कि साप्ताहिक अवकाश भी नहीं किया। कोरोना की पहली लहर के दौरान वह क्वारंटीन सेंटर और कोविड केयर सेंटर में सेवाएं दे चुके हैं।
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आजकल प्री फेब्रिकेटिड कोविड सेंटर पालकवाह में बतौर नोडल अधिकारी सेवारत हैं। कोरोना सैंपलिंग से लेकर संक्रमितों का उपचार कर चुके हैं। डॉ. संजीव डेढ़ साल से रविवार और सार्वजनिक अवकाश के दिन भी ड्यूटी पर डटे हैं। वे टीम के साथ किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। बता दें कि जिले में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामलों के चलते पालकवाह में 51 बेड का मेक शिफ्ट सेंटर बनाया गया है, जहां पर गंभीर कोरोना मरीजों का उपचार होगा। इसका जिम्मा डॉ. संजीव धीमान संभाल रहे हैं। वह प्री फेब्रिकेटिड कोविड सेंटर के अलावा रोजाना सुबह सीएचसी कुंगड़त में मरीजों का चेकअप कर रहे हैं।
मिलकर हरा पाएंगे महामारी को
वह कहते हैं कि कोरोना को हराने के लिए सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से अपील की कि फेस मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग व बार-बार हाथ धोना कभी न भूलें। कोरोना से बचाव के लिए लोग कोविड वैक्सीनेशन जरूर लगवाएं।