पार्टी के अंदर किसी भी तरह की गुटबाजी नहीं है। भाजपा में बोलने की स्वतंत्रता है और लोग अपनी बात को रखते हैं। पार्टी का हर कार्यकर्ता सिर्फ काम करना चाहता है इसलिए उसे नियमित रूप से काम दिया जाएगा और पार्टी सभी के साथ मिलकर और विस्तार हासिल करेगी।
सरकार-संगठन में समन्वय पर उठते रहे हैं सवाल
संगठन और सरकार के बीच हमेशा बेहतरीन तालमेल रहता है। मुख्यमंत्री खुद पार्टी प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं इसलिए वह इस बात को बेहतर समझते हैं। समय-समय पर समन्वय बैठक होती रहेंगी जिससे दोनों के विचार पार्टी और सरकार की छवि को बेहतर बनाने के लिए उपयोग में लाए जा सकेंगे।
पार्टी से ही सरकार बनती है लेकिन यह सरकार बदलाव की सरकार है। विजिलेंस के जरिये बेवजह के मामले दर्ज कर परेशान करने की जयराम सरकार की नीति नहीं है। टोपी और बदले की राजनीति न करना हमारा निर्णय है। फिर भी सरकार ने पिछले दो साल में कई बड़े फैसले लिए हैं। महिला सुरक्षा व विभिन्न मुद्दों पर सख्त फैसले लेकर सरकार ने अपनी स्थिति भी साफ की है।
वरिष्ठ नेताओं की चुनौती के बीच संगठन को कैसे आगे बढ़ाएंगे
मेरे लिए पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता एक एसेट हैं जो पार्टी के कामकाज को प्रभावी व बेहतर बनाने में सहयोग देते हैं। शांता हो या धूमल, या बाकी अन्य नेता, सभी के पास सालों का अनुभव है जो पार्टी को और आगे बढ़ाएगा।