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Roads Budget HP: डबल लेन पांच एनएच फोरलेन में होंगे अपग्रेड, 1060 किमी लंबी नई सड़कें बनेंगी

Fri, 17 Mar 2023 05:50 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बजट भाषण में 178 किलोमीटर लंबाई के डबल लेन पांच राष्ट्रीय उच्च राजमार्गों को फोरलेन में अपग्रेड करने की घोषणा की है। इसके लिए 4,700 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
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लोक निर्माण बजट हिमाचल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बजट भाषण में 178 किलोमीटर लंबाई के डबल लेन पांच राष्ट्रीय उच्च राजमार्गों को फोरलेन में अपग्रेड करने की घोषणा की है। इसके लिए 4,700 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। 899 करोड़ रुपये की लागत से बिडू से लठयाणी, 600 करोड़ रुपये की लागत से नालागढ़ से स्वारघाट, 1200 करोड़ की लागत से कालाअंब-पावंटा साहिब से देहरादून, 1500 करोड़ रुपये की लागत से अंब से ऊना और पंजाब बार्डर से नादौन और 500 करोड़ रुपये की लागत से ऊना बाईपास का निर्माण किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023-24 के बजट में 1060 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण किए जाने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही 1,505 किलोमीटर लंबी सड़कों की मेटलिंग व टारिंग, 990 किलोमीटर सड़कों पर क्रॉस ड्रेनेज औ जल निकासी से संबंधित कार्य के साथ 70 नए पुलों के निर्माण व 70 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश की सड़कों पर होने वाले हादसों में कमी लाने के लिए सड़क सुरक्षा की दृष्टि से पांच डबल लेन सड़कों पर 474 करोड़ रुपये की लागत से 77 किलोमीटर सड़कों का कार्य किया जाएगा।
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पीएमजीएसवाई फेज एक, दो के तहत यह कार्य होंगे पूर्ण
150 किलोमीटर नई कनेक्टिविटी
650 किलोमीटर सड़कों के सुधार कार्य
200 किलोमीटर क्रास ड्रेनेज
9 पुलों का निर्माण
20 बस्तियों को सड़क से जोड़ना

पीएमजीएसवाई फेज तीन
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) फेज तीन के तहत सभी ब्लाकों के जीआईएस सर्वेक्षण के बाद 422 करोड़ रुपये की लागत से 440 किलोमीटर लंबी 45 सड़कों के लिए प्रस्तावों पर भारत सरकार की स्वीकृति प्राप्त की गई है। 2,685 किलोमीटर लंबी सड़कों के लिए फेज वाइज डीपीआर भारत सरकार को स्वीकृति के लिए भेजी गई है। 2023-24 में फेज तीन के तहत 300 किलोमीटर सड़कों को उन्ययन का लक्ष्य रखा गया है।

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पायलट आधार पर राष्ट्रीय राज्य मार्गों, जिला सड़कों के लिए सेफ कोरिडोर डेमोस्ट्रेशन प्रोग्राम का कार्यान्वयन
पायलट की सफलता के आधार पर राज्य में सभी राष्ट्रीय राज्य मार्गों और प्रमुख जिला सड़कों के लिए सेफ कोरिडोर डेमोस्ट्रेशन प्रोग्राम का कार्यान्वयन किया जाएगा। इसके अलावा पायलट आधार पर 50 करोड़ रुपये की लागत से कांगड़ा जिला के शिला चौक से पालमपुर (दो लिंक रोड) में 43 किलोमीटर स्ट्रेच को सेफ कोरीडोर डेमोस्ट्रेशन प्रोजेक्ट (एससीडीपी) के तहत सेफ कोरिडोर का विकास किया जाएगा।

हिमाचल में मुख्यमंत्री सड़क एवं रखरखाव योजना आरंभ
सीएम ने प्रदेश में उत्कृष्ट गुणवत्ता की सड़कें बनने के लिए मुख्यमंत्री सड़क एवं रखरखाव योजना आरंभ करने का फैसला लिया है। इसके तहत 2023-24 में 200 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जाएगी।

हिमाचल में 500 बस रूटों पर ई-वाहन चलाने के लिए बेरोजगारों को मिलेंगे परमिट
वर्ष 2023-2024 में हिमाचल में 500 बस रूटों में ई-वाहन चलाने के लिए बेरोजगार युवाओं को परमिट मिलेंगे। इसके अलावा हमीरपुर में 10 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश का पहला बस पोर्ट बनेगा। इसके अलावा अड्डा विकास प्राधिकरण ने 12 बस अड्डों को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इनमें ठियोग, भंजराड़ू, बरछवाड़, हरिपुर- देहरा, थुनाग, जंजैहली, बैजनाथ, कुमारसैन, लक्कड़ बाजार शिमला, दाड़लाघाट, ढली शिमला और बंजार में कार पार्किंग का निर्माण कार्य होगा। प्राधिकरण जसूर, बिलासपुर और कार पार्किंग और वाणिज्य परिसर पुराना बस अड्डा ऊना के निर्माण के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी से बनाने के लिए निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी।

व्हीकल लोकेशन एप तैयार होगा
हिमाचल पथ परिवहन निगम बसों, चार्जिंग स्टेशन और अन्य सुविधाओं की जानकारी के लिए व्हीकल लोकेशन एप तैयार करेगा। निगम की बसों में डिजिटल किराया वसूलने का प्रणाली लागू होगी।

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वन स्वीकृति के मामलों में तेजी लाने के लिए डीसी की अध्यक्षता में जिला कमेटियां बनेंगी

वन स्वीकृति के मामलों में तेजी लाने को डीसी की अध्यक्षता में जिला कमेटियां बनेंगी। सरकार ने सभी ऐसे मामलों की बराबर निगरानी शुरू कर दी है। जिलों में ऐसे मामलों की निगरानी जिला कमेटियां बराबर करेंगी ताकि विकास के कामों में तेजी लाई जा सके। वन विभाग कमेटी के सदस्यों को उचित प्रशिक्षण और अन्य सहायता देंगे। ये समितियां समय-समय पर अपने जिले के संबंधित अधिकारियों के साथ वन स्वीकृति के मामलों की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री हरित कवर मिशन से 12 जिलों में 250 हेक्टेयर खाली वन भूमि में पौधरोपण होगा। चयनित जमीन में क्षेत्र की मौसम के अनुसार पौधरोपण होगा। इस समय जीका परियोजना शिमला, बिलासपुर, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में कार्यान्वित की जा रही है।

वैज्ञानिक वन प्रबंधन के साथ स्थानीय लोगों की आय बढ़ाना भी है। वर्ष 2023-24 में 2000 हेक्टेयर भूमि में पौधरोपण होगा। योजना के तहत 400 सक्रिय स्वयं सहायता समूहों का सहयोग लिया जाएगा और उनको वित्तीय सहायता भी दी जाएगी। पर्यावरण विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। पर्यावरण विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में नष्ट होने वाले पदार्थों से प्लेट, पत्तल बनाने के लिए अनुसंधान संस्थान स्थापित होगा। इसकी स्थापना और कॉरपोरेट सोशल दायित्व के माध्यम से किया जाएगा।
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