संजौली स्कूल में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिवानी ने दी सलाह
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सब्जियां और पोषक खाद्य पदार्थों को बनाएं आहार संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। किशोरावस्था में होने वाली कमजोरी को नजरअंदाज करना सेहत पर भारी पड़ सकता है। खासकर किशोरियों में एनीमिया यानी खून की कमी से बचाव के लिए संतुलित आहार और स्वास्थ्य संबंधी अच्छी आदतें बेहद जरूरी हैं।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बुधवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय संजौली में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिवानी ठाकुर ने छात्राओं को पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने और उचित विकास के लिए भोजन में जरूरी पोषक तत्वों का होना आवश्यक है। केवल पेट भरना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसा आहार लेना भी जरूरी है, जिससे शरीर को पर्याप्त ऊर्जा, आयरन और अन्य पोषक तत्व मिल सकें।
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उन्होंने एनीमिया और शरीर में आयरन की कमी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि खून की कमी का असर व्यक्ति की कार्यक्षमता और रोजमर्रा की गतिविधियों पर पड़ सकता है। किशोरियों में मासिक धर्म के दौरान होने वाले रक्तस्राव के कारण आयरन की जरूरत पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को आयरन की कमी से बचाव के लिए संतुलित और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह दी। साथ ही, हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, चना, राजमा और अन्य पोषक खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करने के लिए प्रेरित किया। डॉ. शिवानी ठाकुर ने बताया कि आयुर्वेद में ब्रह्म मुहूर्त में उठने को स्वस्थ जीवनशैली के लिए लाभकारी माना गया है। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म, पोषण और एनीमिया जैसे विषयों पर खुलकर बात करना जरूरी है। सही जानकारी, स्वच्छता की आदतों और संतुलित खानपान को अपनाकर किशोरियां अपने स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल कर सकती हैं। प्रधानाचार्य लोकेश दरगोटा नेकहा कि अपराजिता कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को न केवल मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया, बल्कि आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित किया गया। यह कार्यक्रम छात्राओं के लिए बेहद उपयोगी और ज्ञानवर्धक साबित हुआ।
मासिक धर्म में दर्द से कैसे पाएं राहत मासिक धर्म के दौरान कुछ दिनों तक बहुत ज्यादा दर्द होता है। इसे कम करने के लिए क्या खाना चाहिए? इस सवाल पर डॉक्टर ने गर्म पानी की बोतल से सिकाई करने और खानपान पर ध्यान देने की सलाह दी। -कसक, बारहवीं कक्षा
मासिक धर्म पर खुलकर चर्चा जरूरी मासिक धर्म और स्वच्छता जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए। यह समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत है। इस तरह के कार्यक्रम समय-समय पर होते रहने चाहिए। -रक्तिमा, बारहवीं कक्षा
लड़कों को भी होना चाहिए जागरूक मासिक धर्म के बारे में चर्चा होना अच्छी बात है, लेकिन इस विषय पर लड़कियों के साथ लड़कों का भी जागरूक होना बहुत जरूरी है। उन्हें भी इन सभी बातों की जानकारी होनी चाहिए।
स्वस्थ जीवन का आधार
स्वस्थ रहने के लिए पोषणयुक्त आहार सबसे जरूरी है। डॉक्टर ने इन सभी विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसके अलावा, हमें आयुर्वेद में बताए गए नियमित और संतुलित खानपान के बारे में भी जानने का मौका मिला। -तनवी, बारहवीं कक्षा