आर्थिक विकास दर कम होने का कारण 1/3 भाग ग्लोबल फैक्टर और 2/3 भाग घरेलू फैक्टर है। इसके अलावा जमीन अधिग्रहण और प्रोजेक्टों को पर्यावरण क्लीयरेंस में पेश आने वाली दिक्कतों से भी आर्थिक विकास दर रुकी है।
योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलुवालिया केंद्रीय विश्वविद्यालय छतरी में भारत के आर्थिक उद्देश्य और संभावना विषय पर विचार साझा कर रहे थे। हालांकि, उन्होंने कहा कि 2035 में भारत विश्व की तीसरी आर्थिक शक्ति बनेगा।
पहले स्थान पर चीन और दूसरे पर अमेरिका होगा। दो साल में भारत की आर्थिक विकास दर 7 से 5 प्रतिशत रह गई है। यह चिंताजनक है। वर्तमान आर्थिक दशा को सामूहिक विकास से ही ठीक किया सकता है।
इसके लिए हर क्षेत्र में काम करने की जरूरत है।