नेशनल हाईवे कुल्लू-मनाली के बीच डोहलूनाला टोल प्लाजा विवाद को लेकर अब न्यायालय ने एनएचएआई, फोरलेन का निर्माण करने वाली कंपनी, प्रदेश सरकार, भूतल मंत्रालय और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सोमवार को डोहलूनाला टोल प्लाजा में 113 फीसदी टोल टैक्स बढ़ाए जाने के विरोध में दायर की गई याचिका पर सुनवाई हुई। इसमें टोल प्लाजा को लेकर गठित की गई सात सदस्यों की कमेटी ने जनता का पक्ष रखा।
इसके साथ ही टोल प्लाजा को लेकर सभी दस्तावेज भी न्यायालय में जमा किए। जिसके आधार पर न्यायालय ने नोटिस जारी कर मांगने के साथ ही मामले की सुनवाई के लिए अगली तिथि भी तय की है। याचिका पर अब अगली सुनवाई 27 दिसंबर को होगी। जिसके बाद सबकी निगाहें दूसरी सुनवाई पर टिक गई हैं। डोहलूनाला टोल प्लाजा में टोल टैक्स बढ़ाए जाने के बाद जिला न्यायालय में याचिका दायर की गई है।
जिसकी अगुवाई अधिवक्ता मोहिंद्र ठाकुर कर रहे हैं। फोरलेन संघर्ष समिति मनाली के अध्यक्ष एवं अधिवक्ता मोहिंद्र ठाकुर ने कहा कि डोहलूनाला टोल प्लाजा को नियमों के विरुद्ध लगाया गया है। टोल प्लाजा एक्ट के अनुसार टोल प्लाजा के 20 किमी के दायरे में स्थानीय निवासी, व्यवसायिक, निजी वाहनों को आईडी और आरसी दिखाकर बिना टोल के ही प्रवेश दिया जाता है, लेकिन डोहलूनाला में मनमर्जी की जा रही है।
इसके साथ ही टोल प्लाजा एक्ट के अनुसार टू लेन सड़क में कहीं पर टोल टैक्स नहीं लिया जाता है। कुल्लू मनाली के बीच सड़क भी अपूर्ण है। ऐसे में टोल प्लाजा को लोगों को परेशान करने के लिए लगाया गया है। डोहलूनाला टोल प्लाजा विवाद को सुलझाने के बाद एक कमेटी का गठन किया गया है। जो मनाली से लेकर गाड़ामोड़ तक सर्वे करेगी। सर्वे का दिन अभी तक चयनित नहीं किया गया है।