सिरमौर पुलिस ने नशेड़ियों के ठिकानों को हटाने की अनूठी पहल की है। इसकी बाकायदा वीडियोग्राफी हो रही है। जिसकी डॉक्यूमेंटरी बनेगी। इस अभियान के तहत नशे के सौदागरों के झाड़ियों वाले ठिकाने जेसीबी से हटाए जा रहे हैं।
जबकि नशा करने के लिए नशेड़ियों की ढाल बने खंडहर भवनों में कांचकली (खुजली वाला पाउडर) का छिड़काव होगा। कांगड़ा से यह पाउडर मंगवाया गया है। पुलिस इस मुहिम को सोशल मूवमेंट मानकर चल रही है।
पुलिस ने नशे पर अंकुश लगाने के कई अभियान चलाए हैं। अफीम उखाड़ो, भांग उखाड़ो इसमें अहम है। लेकिन, सिरमौर में चल रहा यह अभियान इनसे हटकर है। यहां न तो नशे की खेती नष्ट हो रही है और न ही ड्रग माफिया दबोचे जा रहे हैं।
यहां नशा करने के अड्डे तहस-नहस किए जा रहे हैं। हिमाचल में इस तरह की यह पहली मुहिम है। पुलिस को अभियान के पहले ही दिन भारी जन सहयोग भी मिला।
कहां से आया आइडिया
एसपी सिरमौर सौम्या साम्बशिवन ने कहा कि पांवटा में कुछ अरसे पहले एक हत्या हुई थी। उसकी छानबीन के लिए वह मौके पर गईं। इस दौरान मौके पर कई झाड़ियों के बीच दवाइयों के रेपर, नशे के लिए प्रयोग होने वाली सामग्री आदि पाई गई।
जिसे देखते हुए यह अभियान चलाया गया। संदिग्धों पर नजर रखने को जिले में लगभग सौ सीसीटीवी लगेंगे। इनमें 75 कैमरे पांवटा इलाके में ही लगेंगे। पहले चरण में अभियान पांवटा में चलेगा। कोटपा के बजट से इनकी खरीदारी होगी।
नशा निवारण केंद्र भी चलाएगी पुलिस
नशे के दलदल में फंसे युवाओं को बाहर निकालने के लिए पुलिस नशा निवारण केंद्र भी चलाएगी। कुछ दिनों में चिकित्सकों की टीम भी आएगी, जो काउंसलिंग शुरू करेगी।