आईजीएमसी में एमआरआई मशीन खराब हो गई है। मशीन में खराबी के चलते मरीजों के एमआरआई नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में इलाज के लिए पहुंचे मरीज परेशान हैं। अस्पताल में चिकित्सकों का कहना है कि मशीन को दुरुस्त होने में अभी समय लग सकता है। मशीन में पड़ने वाला हीलियम खत्म हो चुका है। इस कारण मशीन बंद पड़ी है।
अचानक मशीन खराब होने के बाद सूबे से एमआरआई करवाने आने वाले मरीज और तीमारदार परेशान बैठे हैं। लोगों का कहना है कि अस्पताल में अगर एमआरआई की डेट लेनी पड़े तो उन्हें करीब दो से ढाई माह का समय दिया जाता है। ऐसे में जिन लोगों का वीरवार को एमआरआई होना था, उन्हें अब शायद एक सप्ताह का इंतजार और करना पड़े।
ब्रेन और स्पाइन का एमआरआई करवाने वाले मरीज भी परेशान रहेंगे। उधर, इमरजेंसी में एमआरआई करवाने के लिए अगर डॉक्टर कह रहे हैं तो ऐसे में मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। अस्पताल में रोजाना बारह से पंद्रह एमआरआई मरीजों के किए जाते है।
मशीन को किया जा रहा दुरुस्त
अस्पताल में एमआरआई मशीन खराब है। इंजीनियर को बुलाकर मशीन को दुरुस्त किया जा रहा है।- डॉ. अशोक शर्मा, - कॉलेज प्राचार्य, आईजीएमसी
बार- बार खराब हो रही मशीन
अस्पताल में बार बार मशीन खराब हो रही है। जिसके कारण कि मरीज परेशान बैठे हैं। लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन को चाहिए कि मशीन में आ रही तकनीकी खराबी को जल्द दुरुस्त किया जाए। आईजीएमसी में कोई मरीज अगर ब्रेन का एमआरआई करवाना चाहता है तो उसे चार हजार रुपये और स्पाइन एमआरआई के लिए 2500 रुपये फीस ली जाती है। जिन मरीजों के वीरवार को एमआरआई होने थे। अब ऐसे मरीजों को दोबारा से डेट लेनी होगी। जबकि इमरजेंसी में पहुंचे घायलों को भी परेशान होना पड़ेगा।
थप्पड़ मामले ने तुल पकड़ा
आईजीएमसी के बाल रोग विभाग में थप्पड़ मामले ने तुल पकड़ लिया है। आरडीए डॉक्टरों ने एलान कर दिया है कि शनिवार से डॉक्टर दो घंटे की हड़ताल करेंगे। आरडीए अध्यक्ष डॉ. अजय जरयाल का कहना है कि शनिवार, सोमवार और मंगलवार को दो घंटे तक हड़ताल की जाएगी।
फिर भी कोई कड़ी कार्रवाई नहीं होती है तो फिर डॉक्टर आधा दिन हड़ताल करेंगे। वीरवार को आरडीए डॉक्टरों ने आईजीएमसी के कमरा नंबर- 601 में आपातकालीन बैठक बुलाई थी। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। शुक्रवार को कॉलेज प्राचार्य और सरकार को आरडीए हड़ताल संबंधी ज्ञापन भी सौपेंगी।
यह था मामला
अस्पताल में बीते माह सवाल का जवाब न देने पर असिस्टेंट प्रोफेसर ने जूनियर डॉक्टर को थप्पड़ मार दिया था। इसके बाद से डॉक्टर को पद से हटाने की बात आरडीए कर रहा है। कॉलेज प्राचार्य ने जांच के लिए कमेटी बनाई थी। कमेटी की ओर से किसी निर्णय पर नहीं पहुंचने के कारण अब हड़ताल पर जाना पड़ रहा है।