प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में अफरातफरी का माहौल रहा। डॉक्टरों के सामूहिक अवकाश पर रहने से राजधानी शिमला के आईजीएमसी और डीडीयू में 38 और प्रदेश भर में 150 से अधिक ऑपरेशन नहीं हो सके। ओपीडी भी नहीं हुई। मरीजों को निराश होकर अस्पतालों से लौटना पड़ा।
मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन ने अपनी मांगों को लेकर 3 से 12 फरवरी तक सुबह दो घंटे पेन डाउन स्ट्राइक करने का फैसला लिया है। 13 फरवरी को प्रदेश के सभी डॉक्टर दोबारा सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। बावजूद इसके डॉक्टरों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो 24 फरवरी को सामूहिक त्यागपत्र देने का फैसला लिया है।
विरोध के लिए मंगलवार से डॉक्टर काले बिल्ले लगाकर काम करेंगे।मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन ने सरकार से डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए मेडीपर्सन एक्ट लागू करने की मांग की है। इस एक्ट के तहत डॉक्टरों के साथ हिंसक घटनाएं करने वालों के खिलाफ गैर जमानती धाराएं लगाने की पैरवी की गई है।
बर्फ पर पैदल चलकर अस्पताल पहुंचे पर नहीं मिला इलाज
जनजातीय जिला लाहौल स्पीति के जिला अस्पताल समेत सभी स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात 19 डॉक्टरों के अवकाश पर रहने से लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पाईं। बर्फ पर चलकर इलाज के लिए पहुंचे घाटी के मरीजों को निराश होकर घर लौटना पड़ा।