हिमाचल में आज स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा सकती हैं। हिमाचल के अस्पतालों और अन्य जोनल अस्पतालों के मेडिकल अफसर सामूहिक अवकाश में रहेंगे। डॉक्टरों के खिलाफ बढ़ रही हिंसक घटनाओं और मांगों की अनदेखी पर के चलते प्रदेश मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन ने यह फैसला लिया है। मेडिकल ऑफिसर अपने सामूहिक अवकाश के दौरान आपातकालीन सेवाएं जारी रखेंगे। यह सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध कराने वाले अस्पतालों में ही दी जाएगी।
मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. जीवानंद चौहान ने कहा कि डाक्टर 24 जनवरी से 2 फरवरी तक काले बिल्ले लगाकर विरोध करेंगे। तीन से 12 फरवरी तक सभी डॉक्टर सुबह दो घंटे की पेन डाउन स्ट्राइक करेंगे। 13 फरवरी को फिर एक दिन का सामूहिक छुट्टी पर रहेंगे। एसोसिएशन का कहना है अगर फिर भी सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो 24 फरवरी को प्रदेश के सभी डॉक्टर सामूहिक त्यागपत्र दे देंगे।
चौहान ने कहा कि डॉक्टर के खिलाफ बढ़ रही हिंसक घटना से यह सामूहिक अवकाश रहेगा। उन्होंने ने कहा कि बीते तीन सालों से सरकार और प्रशासन से उनकी मांगे पूरी नहीं कर रहा है। डाक्टरों का कहना है कि मैडीपर्सन एक्ट को पहले ही गैर जमानती बना दिया होता तो आज डॉ. दलजीत को जान नहीं गंवानी पड़ती।
ऊना और बिलासपुर वाले घटनाक्रम में प्रशासन कार्रवाई नहीं कर पाया है। बिलासपुर में पीड़ित डॉक्टर और एसोसिएशन के गुहार लगाने के बाद भी डॉक्टरों को सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई गई है। रिवालसर वाले मुद्दे पर प्रशासन ने एक तरफा कार्रवाई की है। कुल्लू की सैंज सीएचसी में महिला चिकित्सक के साथ हुई घटना में दोषियों को आज तक पकड़ा नहीं गया है।