डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश में एमबीबीएस और स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को नौकरी ज्वाइन करते समय भरे जाने वाले बांड की राशि को पचास लाख से एक करोड़ रुपये करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत नौकरी में आने वाले एमबीबीएस डॉक्टरों को अब पचास लाख की बैंक गारंटी देनी होगी।
यह गारंटी इसलिए होगी कि वह अगले कम से कम 20 साल तक हिमाचल सरकार को सेवाएं देंगे। अगर वे इससे पहले नौकरी छोड़ते हैं तो उन्हें 50 लाख रुपये सरकार को चुकाने पड़ेंगे। अभी तक एमबीबीएस डॉक्टर को पांच और स्पेशलिस्ट को 10 लाख का बांड भरना पड़ता है।