जुन्गा में डॉक्टरों ने गेट मीटिंग कर जताया विरोध।
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हिमाचल डॉक्टर एसोसिएशन सरकार के खिलाफ भड़क गई है। मांगें पूरी नहीं होने पर डॉक्टरों ने मेडिकल कालेज और अस्पतालों में लगातार दूसरे दिन भी बिल्ले लगाकर मरीजों का उपचार जारी रखा। सुबह के समय गेट मीटिंग कर डॉक्टरों ने अपना विरोध जताया। दरअसल प्रशिक्षित डॉक्टर एनपीए, सेवानिवृत्त को सेवा विस्तार न दिया जाना और पदोन्नति की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से आश्वासन मिलने के सात महीने बाद भी डाक्टरों की मांगें पूरी नहीं हुई हैं। इसके चलते डॉक्टरों में रोष है। हिमाचल चिकित्सा अधिकारी संघ के अध्यक्ष राजेश राणा ने कहा कि एनपीए एलाउंस 2023 में आपदा के दौरान सरकार द्वारा बंद कर दिया गया था जो कि इन्हें प्रशिक्षण के समय कुल वेतन का 20 फीसदी दिया जाता था।
इसको लेकर वे बीते वर्ष 3 जून को सचिवालय में सीएम से मिले थे। उस समय इन्हें आश्वासन दिया था कि आपदा के तीन महीने बाद एनपीए एलाउंस दे दिया जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि हाल ही में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति में उनके वेतन से इसे हटा दिया है। 3 अगस्त 2023 को जारी अधिसूचना के तहत विशेषज्ञों का वेतन घटाकर 33 हजार 660 कर दिया है। जबकि 27 जुलाई 2022 की अधिसूचना के तहत न्यूनतम देय 40 हजार 392 तय हुआ है। दूसरी ओर जनता को विशेषज्ञ सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। एनपीए को अभी तक अग्रिम भर्ती में नहीं जोड़ा गया है।