डॉ. मनोज ने मोबाइल टीम के साथ लाहौल की कुल आबादी का लगभग 50 फीसदी लोगों के कोविड टेस्ट किए हैं। उनकी इस उपलब्धि पर निजी मीडिया संस्थान के कार्यक्रम में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री आदित्य ठाकरे ने मुंबई में उन्हें संजीवनी चैंपियन खिताब से सम्मानित किया है।
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति में बर्फबारी और माइनस तापमान के बीच डॉ. मनोज कुमार वर्मा ने कोविड सैंपल लेने के लिए हौसला बनाए रखा। वह अब तक 15 हजार से अधिक कोविड टेस्ट कर चुके हैं। डॉ. मनोज ने मोबाइल टीम के साथ लाहौल की कुल आबादी का लगभग 50 फीसदी लोगों के कोविड टेस्ट किए हैं। उनकी इस उपलब्धि पर निजी मीडिया संस्थान के कार्यक्रम में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री आदित्य ठाकरे ने मुंबई में उन्हें संजीवनी चैंपियन खिताब से सम्मानित किया है। बता दें कि कोरोना जब चरम पर था तो बर्फबारी के बीच माइनस 10 डिग्री तापमान में भी डॉ. मनोज ने टीम के साथ अभियान जारी रखा। विपरीत हालात के बीच जान जोखिम में डालकर डॉ. मनोज ने टीम के साथ घाटी के हर हिस्से में पहुंच कर लोगों के घर-घर पहुंचकर कोविड टेस्ट किया।
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मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. मनोज और उनकी मोबाइल टीम पर बनी डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। इस दौरान बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान और कीर्ति कुलहारी भी मौजूद रहीं। डॉ. मनोज ने कहा कि तीन-तीन फीट बर्फ के बीच भी वाहन लेकर कोविड टेस्ट के लिए निकलते थे। सड़क हादसे का खतरा हमेशा रहता था। शुरुआती दौर में लोग कोविड टेस्ट से कतराते थे। उन्होंने टेस्ट से पहले कोरोना के संदर्भ में फैली भ्रांतियों को खत्म किया। उसके बाद लोग स्वयं टेस्ट के लिए तैयार होने लगे। उन्होंने मोबाइल टीम को भी इस अभियान के लिए प्रेरित किया। संजीवनी चैंपियन खिताब से नवाजे जाने पर तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. मारकंडा ने डॉ. मनोज को बधाई दी है। सीएमओ केलांग डॉ. एमएल बंधु ने कहा कि कोविड के शुरुआती दौर से डॉ. मनोज मोबाइल कोविड टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।