मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गुरुवार को स्थानीय होटल में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में कहा कि कैदी भी हमारे समाज का हिस्सा हैं। हम सभी को उनके प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। गलत कार्य की सजा उसे मिली है, जिसे वह भुगत रहा है।
लेकिन जेल में अगर उसका कौशल विकास किया गया है तो वह वहां से निकलकर परिवार और अपने लिए नई जिंदगी शुरू कर सकता है। ऐसे में कैदियों के प्रति नकारात्मक रुख रखना सही नहीं है।
कार्यशाला में 21 राज्यों के जेल विभाग अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान कैदियों ने भी जेल अधिकारियों से अपने मन की बात की। मुख्यमंत्री ने जेल विभाग की काफी टेबल बुक ‘हर हाथ को काम ए गेम चेंजर’ का विमोचन किया।
इससे पहले उन्होंने प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया। इस मौके पर मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, डीजी जेल सोमेश गोयल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एसजेवीएनएल नंद लाल शर्मा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एसपी शुभ्रा तिवारी हीरा ने किया।