जिला उपभोक्ता फोरम ने एक रोचक मामले में अपना फैसला सुनाते हुए दर्जी को तय माप के मुताबिक सूट न सिलने और ग्राहक के साथ दुर्व्यवहार करने पर दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा दो हजार कानूनी खर्च और आठ सौ रुपये वसूली गई सिलाई की रकम को अदा करने के आदेश दिए हैं।
फोरम के न्यायाधीश एससी कैंथला और सदस्य योगिता दत्ता ने यह आदेश जारी करते हुए 45 दिन के भीतर जुर्माना राशि, कानूनी खर्च और सिलाई का पैसा शिकायकर्ता को अदा करने के आदेश दिए हैं। मिडल बाजार शिमला के एक दर्जी के खिलाफ महिला ग्राहक ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि दर्जी को उसने वर्ष 2016 में कपड़े का एक सूट सिलाई करने को दिया था।