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सदर विधायक की उपेक्षा की खबर छपने पर बौखलाया चंबा प्रशासन

Wed, 05 Aug 2020 11:38 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, चंबा/शिमला
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- फोटो : अमर उजाला
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गलती उजागर करती खबर प्रकाशित होने से तमतमाया चंबा का जिला प्रशासन मनमानी पर उतर आया है। जिला प्रशासन ने जिला लोक संपर्क अधिकारी के माध्यम से अमर उजाला को एक ऐसी खबर पर नोटिस भिजवा दिया जिस खबर के प्रकाशित होने के बाद उसपर असर हुआ और डीसी ने गलती मानते हुए उसमें सुधार भी कर लिया। तथ्यों के साथ खबर प्रकाशित करने के बावजूद अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने का प्रयास किया गया है।

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दरअसल, 29 जुलाई को अमर उजाला ने 'शिलान्यास पट्टिका से सदर विधायक का नाम गायब' शीर्षक से खबर प्रकाशित कर उपायुक्त कार्यालय चंबा के समीप बहुउद्देश्यीय सुविधा केंद्र के शिलान्यास के दौरान शिलान्यास पट्टिका में सदर विधायक का नाम न होने की जानकारी को सार्वजनिक किया था। हैरानी की बात है कि शिलान्यास पट्टिका में जहां कांगड़ा-चंबा संसदीय क्षेत्र के सांसद किशन कपूर का नाम तो था लेकिन स्थानीय विधायक की जगह उपायुक्त विवेक भाटिया का नाम अंकित किया गया था। सांसद ने विधायक का नाम न होने पर सवाल भी उठाया। 

स्थानीय नेताओं ने भी सरकार तक शिकायत करने की तैयारी की तो प्रशासन ने गलती मानते हुए पट्टिका में स्थानीय विधायक का नाम जुड़वा दिया। अमर उजाला के खबर को प्रकाशित करने और कारगुजारी के सार्वजनिक होने से तिलमिलाए डीसी ने पत्रकार वार्ता के दौरान अशोभनीय व्यवहार किया और नोटिस भेजकर बौखलाहट निकालने का प्रयास किया। चूंकि अमर उजाला हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों के लाखों पाठकों का भरोसा है और वह निष्पक्ष व निर्भीक पत्रकारिता करता रहा है।
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ऐसे में जिला प्रशासन के इस दबाव का कोई भी असर अमर उजाला पर नहीं होगा और वह सच्चाई को उसी तरह से सच्चाई को सामने लाता रहेगा। इस संबंध में चंबा के उपायुक्त विवेक भाटिया को टेलीग्राम एप पर मैसेज व ईमेल व व्हाट्सएप भेजकर डीपीआरओ चंबा के माध्यम से मनमाने रवैये पर पक्ष जानने के लिए संपर्क किया लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से जवाब नहीं आया। 

सीएम-डीजीपी ने जो बात मानी, उसे गलत बता रहा प्रशासन
नोटिस में पूर्व में प्रकाशित हुए एक कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के शराब पार्टी करने संबंधी खबर का भी उल्लेख कर उसे गलत बताने का प्रयास किया गया है। यह तब है जब मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और पूर्व डीजीपी सीताराम मरडी सार्वजनिक मंचों व मीडिया के सामने इस घटना को सत्यापित कर चुके हैं। खास बात यह है कि चंबा जिला का प्रशासन प्रेस की स्वतंत्रता से इस कदम बौखलाया है कि कोरोना काल के शुरूआती दौर में क्वारंटीन सेंटरों की दुर्दशा की खबरों को प्रकाशित करने पर पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज कराई गई थी। बाद में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को मामले में दखल देते हुए पत्रकारों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने के लिए कहना पड़ा था।

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