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कूड़े के गलत बिलों पर बरपा हंगामा, आयुक्त के पास पहुंच गए कई लोग

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शिमला। कूड़े के गलत बिलों पर बुधवार को नगर निगम कार्यालय में जमकर हंगामा बरपा। निगम सुविधा केंद्र में बिल जमा करवाने पहुंचे सैकड़ों लोगों ने निगम की व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए बवाल कर दिया। सुविधा केंद्र पहुंचे कई लोग ऐसे थे जिन्हें साथ लगते दूसरे भवनों तक के बिल जारी कर दिए हैं। कई लोग जो खुद किरायेदार हैं लेकिन निगम ने उन्हें दूसरे किरायेदारों का बिल जारी कर दिया। कुछ लोगों के पांच किरायेदार हैं लेकिन बिल सात किरायेदारों का जारी किया गया है। कई भवन मालिक अपने बिल में किरायेदारों का बिल जोड़े जाने से परेशान थे।
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लोगों ने कहा कि एमसी ने हजारों रुपये का बिल दे दिया है। अब ठीक करवाने को चक्कर काटने पड़ रहे हैं। कई लोग ऐसे भी थे जिन्हें मई, जून और जुलाई का शुल्क जमा करवाने के बाद भी इन महीनों का बिल थमा दिया है। बाकायदा रसीदें लेकर आए इन लोगों को भी लाइनों में लगना पड़ा। देखते ही देखते सुविधा केंद्र लोगों से भर गया। लोगों ने केंद्र में तैनात कर्मचारियों से भी बहसबाजी की। उधर, केंद्र में तैनात कर्मचारियों को बिल ठीक करने में काफी वक्त लग रहा था जिससे लोगों की लाइन और लंबी हो गई। कर्मचारियों ने माना कि गलत रिकॉर्ड के कारण सैकड़ों लोगों को गलत बिल जारी हो गए हैं।
आयुक्त के पास पहुंचे सीनियर सिटीजन
गलत बिलों से परेशान कई वरिष्ठ नागरिक आयुक्त कार्यालय पहुंच गए। कहा कि पिछला शुल्क देने के बावजूद उन्हें इसका बिल जारी किया है। अब अगर बिल जमा न किया तो निगम पेनल्टी लगा देगा और बिजली-पानी काट देगा। इससे अच्छा तो पिछले वाला सिस्टम था। आयुक्त ने भरोसा दिलाया कि गलत बिल ठीक किए जाएंगे। साथ ही कहा कि जिन्हें गलत बिल जारी हुए हैं, उन्हें निगम पेनल्टी नहीं लगाएगा।
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सिरदर्द बन गई कूड़े की एनओसी
सुविधा केंद्र में कूड़े की एनओसी लेने के लिए दर्जनों लोग कतार में लग गए। इनका कहना था कि पिछला बिल चुकाने और इसकी रसीदें दिखाने के बावजूद एनओसी नहीं मिल रही। सुविधा केंद्र जाकर रिकॉर्ड वरिफाई करने को कहा जा रहा है। अब सुविधा केंद्र में बिल ठीक करवाने वालों की लाइन लगी है। अब रिकॉर्ड वेरिफाई करने को पूरा दिन बर्बाद करना पड़ रहा है। इसके लिए अलग काउंटर होना चाहिए। निगम ने नए नक्शे, नए कनेक्शन, टैक्स की एनओसी समेत कई सेवाओं के लिए कूड़े की एनओसी लेना अनिवार्य किया है, जो अब लोगों के लिए परेशानी बन गई है।
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