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एसआरएल लैब की रिपोर्ट पर फिर विवाद

Sun, 24 Jan 2016 11:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में स्थापित निजी एसआरएल लैब फिर से विवादों में घिर गई है। लैब में तैनात कर्मचारी आए दिन लोगों को गलत रिपोर्ट देकर गुमराह कर रहे है। रिपोर्ट में खामियां आने के बावजूद भी अस्पताल प्रशासन लापरवाह लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। ऐसा ही मामला 19 जनवरी को सामने आया।
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संजौली के धीरज कंवर ने बताया कि उनकी मां की बाजू में फैक्चर हो गया था। डॉक्टरी इलाज के लिए उन्हें आईजीएमसी लाया गया। उन्होंने बताया कि डाक्टरों ने उन्हें टेस्ट करवाने की सलाह दी और टेस्ट के लिए ब्लड सैंपल भी निजी लैब में दिए। लेकिन डॉक्टर को रिपोर्ट दिखाई तो उनके पांव तले जमीन खिसक गई।

रिपोर्ट में पैरामीटर काफी अलग थे। परिजन ने बताया कि दोबारा सैंपल देने के बावजूद भी निजी लैब की रिपोर्ट गलत ही आई। लेकिन जब सरकारी लैब में टेस्ट करवाए तो उनकी रिपोर्ट में काफी अंतर आया और रिपोर्ट भी सही आई।
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उन्होंने बताया कि शनिवार दोपहर को इसकी शिकायत कॉलेज प्राचार्य डा. एसएस कौशल को लिखित में दी है। बताया कि अगर प्राचार्य कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाते हैं तो वह इस मामले को लेकर कोर्ट में जाएंगे। जनहित में वह इस मामले में पीछे नहीं हटेंगे।

लैब की कई बार की शिकायतें- आईजीएमसी कर्मचारी संघ के नेता हरिंद्र मेहता ने कहा कि आए दिन एसआरएल लैब की कई शिकायतें आ रही हैं। लैब को खुले तीन साल हो गए हैं लेकिन यह मरीजों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। संघ ने आरोप लगाया है कि लैब में अप्रशिक्षित लोग काम कर रहे हैं।

हरिंद्र मेहता ने बताया कि जब कोई जागरूक नागरिक इनकी रिपोर्टों के खिलाफ आवाज बुलंद करता है तो उनके साथ अस्पताल में बदसलूकी की जाती है। कहा कि एसआरएल लैब और अस्पताल प्रशासन के बीच किसी तरह का समझौता हुआ है इस कारण वह उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।

लैब इंचार्ज से मांगा है जवाब- इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. एसएस कौशल ने बताया कि इस तरह के मामले की शिकायत उनके पास आई है। बताया कि शिकायत आने पर लैब इंचार्ज से जवाब मांगा है। लापरवाही बरती है तो एक्शन लेंगे।

आईजीएमसी एसआरएल लैब की इंचार्ज डा. शैलेजा पुरी ने बताया कि इस तरह का मामला उनके ध्यान में नहीं है। अस्पताल की ओर से भी इस तरह के मामले को लेकर उनसे कोई सवाल नहीं किए हैं।

सोलन में भी अश्वनी के पानी पर रोक- राजधानी के बाद अब अश्वनी खड्ड के गंदे पानी की सप्लाई पर सोलन में भी रोक लगा दी गई है। उपायुक्त सोलन मदन चौहान ने शनिवार को पीलिया रोग से बचाव के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक में निर्देशानुसार यह फैसला लिया है।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि गिरि नदी से भी पानी की आपूर्ति समुचित उपचार एवं क्लोरिनेशन के उपरांत ही सुनिश्चित बनाई जा रही है। बैठक के दौरान अश्वनी खड्ड के जल ग्रहण क्षेत्र में निगरानी रखने के लिए एक समिति गठित की गई है।

समिति ने शनिवार से ही कार्य आरंभ कर दिया है। समिति समूचे जल ग्रहण क्षेत्र में यह निरीक्षण करेगी कि कहीं अश्वनी खड्ड में गंदगी तो नहीं डाली जा रही है। यह समिति दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करेगी।
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