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जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर कांग्रेस का कब्जा

Sun, 24 Jan 2016 11:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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जिला परिषद शिमला के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का फैसला आखिर मतदान से ही हुआ। डीसी दिनेश मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में दोनों पदों पर कांग्रेस समर्थित सदस्यों ने कब्जा जमाया। इसमें अध्यक्ष पद कांग्रेस की धर्मिला ने 16 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। भाजपा समर्थित उम्मीदवार रेखा मोगटा को सिर्फ पांच मत पड़े।
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उपाध्यक्ष पद कांग्रेस समर्थित सुरेंद्र रेटका 13 मत प्राप्त करने में सफल रहे। उनके खिलाफ उपाध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार लायक राम को आठ मत मिले। जिला परिषद में चुनकर आए माकपा समर्थित दलीप सिंह कायथ और बल्देंयां वार्ड से सदस्य चुनकर आई अनीता ने मतदान नहीं किया।

शुरुआती दौर में बचत भवन के बैठक स्थल पर सिर्फ 14 ही सदस्य जुट पाए थे। इसके बाद करियाली वार्ड से सदस्य गिरधारी लाल पहुंचे, उसके बाद माकपा समर्थित दोनों उम्मीदवारों ने एंट्री की, अंत में भाजपा समर्थित चारों उम्मीदवार भी बैठक में पहुंच गए।
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बैठक में मौजूद सभी 23 सदस्यों में से 21 ने मतदान की प्रक्रिया में हिस्सा लिया। उपायुक्त ने मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विधिवत रूप से चुनाव के नतीजे घोषित किए। उन्होंने ने अध्यक्ष चुनी गई धर्मिला और उपाध्यक्ष सुरेंद्र रेटका को पद की शपथ दिलवाई।

जिला परिषद अध्यक्ष धर्मिला और उपाध्यक्ष सुरेंद्र रेटका के विजयी घोषित होने और शपथ लेने के बाद कांग्रेस के इन तमाम नेताओं और अपने समर्थकों के साथ दोनों का विजय जुलूस बचत भवन से बाहर निकला और गेट तक पहुंचा। इसमें भारी संख्या में लोग शामिल हुए।

कांग्रेस नेताओं की प्रतिष्ठा थी दांव पर- जिला परिषद शिमला के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में कांग्रेस के कई नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर थी। चुनाव के लिए कांग्रेस की ओर से बनाए गए प्रभारी आयुर्वेद मंत्री कर्ण सिंह, सीपीएस नंदलाल, हिमाचल प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव बैंक के चेयरमैन हर्ष महाजन, रोहड़ू के विधायक मोहन बराकटा, कैलाश फेडरेशन के अध्यक्ष बृज लाल, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नरेश चौहान

शिमला आईटीआई के चेयरमैन धर्मपाल ठाकुर सहित कांग्रेस के जिला अध्यक्ष केहर सिंह खाची सहित शिमला ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष चंद्रशेखर, महासचिव लाल चंद वर्मा सहित कई कांग्रेस नेता बचत भवन के बाहर पहुंचे थे। शुरुआती दौर में कोरम पूरा न होने पर सभी नेताओं के माथे पर चिंता की लकीरें साफ नजर आ रही थीं।

बैठक में कब क्या हुआ- बाहर बजे तय बैठक के समय से आधा घंटा पहले कांग्रेस समर्थित सदस्य अपने नेताओं के साथ डीसी कार्यालय पहुंचे। अंदर जाकर ग्यारह सदस्य बैठ गए। कोरम पूरा करने को कम पड़ रहे सदस्यों का इंतजार शुरू हुआ। 12:24 बजे करयाली वार्ड से सदस्य गिरधारी को कांग्रेस नेता लेकर आए, उसके चंद मिनटों बाद उपायुक्त शिमला दिनेश मल्होत्रा भी बैठक स्थल पर पहुंचे।

इसके बाद दलीप, अनीता एक साथ पहुंचे। अंत में भाजपा समर्थित पांच उम्मीदवार बैठक स्थल पर पहुंचे। 2:06 बजे पर चुनाव का नतीजा घोषित कर दिया गया। बाहर इंतजार कर रहे कांग्रेस समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई और ढोल नगाड़े बजने शुरू हो गए।

जिला में 90 फीसदी सीटों पर कांग्रेस के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष जीते- प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष हर्ष महाजन ने कहा कि उन्हें जिला शिमला में जिला परिषद, पंचायत समिति और नगर परिषद और नगर पंचायतों के चुनाव की जिम्मेदारी दी गई थी। जिला में इन चुनावों में 90 फीसदी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष कांग्रेस के बने हैं।

इससे स्पष्ट है कि आम जनता ने एक बार फिर से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के प्रति आस्था जताई है। केंद्र सरकार की ओर से उन पर बनाए जा रहे झूठे मुकदमों का जनता ने भाजपा को करारा जवाब दिया है। वहीं जिला परिषद अध्यक्ष बनी धर्मिला हरनोट ने जीत के बाद कहा कि वह जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगी। उन्होंने इस जीत के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का धन्यवाद किया।

और चुनावी प्रक्रिया में शामिल हुए तथा उनके लिए मत देने वाले सभी सदस्यों का आभार जताया। वहीं उपाध्यक्ष बने सुरेंद्र रेटका ने जीत के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और सदस्यों का आभार जताया। कहा कि वे अध्यक्ष तथा सभी सदस्यों के साथ मिलकर जनता की दिक्कतों और परेशानियों को दूर करेंगे। विकास करने को दिनरात कार्य करेंगे। 
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