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नगर निगम की मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी, कई नेताओं-पार्षदों के नाम गायब

Fri, 14 Apr 2017 10:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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शिमला नगर निगम चुनावों से पहले जिला प्रशासन की ओर से जारी की गई मतदाता सूचियों में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। हैरत की बात यह है कि महज 171, 251 और 364 वोटरों के भी वार्ड बना दिए गए हैं। हद तो यह है कि छह हजार की ज्यादा की आबादी वाले वार्ड पंथाघाटी में सिर्फ 171 वोटर दर्शाए गए हैं। यह वार्ड नगर निगम के मेयर संजय चौहान का है।
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जिला प्रशासन की ओर से जारी की गई वोटर लिस्टें स्टेट इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट पर डाले गए नगर निगम शिमला मतदाता सूची प्रारूप (2017) से भी मेल नहीं खा रहीं। सरकार ने वार्डों में वोटरों की संख्या में एकरूपता लाने के उद्देश्य से पुनर्सीमांकन किया था। लेकिन बुधवार को जिला प्रशासन की ओर से जारी की गई वोटर लिस्टों में वोटरों की संख्या में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है।

जिला प्रशासन की ओर से जारी वोटर लिस्ट के अनुसार पंथाघाटी वार्ड में कुल 171 मतदाता दर्शाए गए हैं, जिनमें 97 पुरुष और 74 महिला मतदाता दिखाए गए हैं। वहीं स्टेट इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट पर डाली गई पंथाघाटी वार्ड की मतदाता सूची में 1560 वोटर दर्शाए गए हैं। दोनों सूचियों में 1389 वोटों का बड़ा अंतर है। इतना ही नहीं, अपर ढली वार्ड में जिला प्रशासन और स्टेट इलेक्शन कमीशन दोनों की ही वोटर लिस्ट में महज 251 वोटर दर्शाए गए हैं। भट्ठाकुफर वार्ड की मतदाता सूची में गड़बड़ी पाई गई है।
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जिला प्रशासन की वोटर लिस्ट के हिसाब से इस वार्ड में कुल 364 वोटर हैं जबकि स्टेट इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट पर 547 वोटरों की सूची अपलोड की गई है। छोटा शिमला वार्ड जिला प्रशासन की सूची में 2810 वोटर दर्शाए गए हैं जबकि स्टेट इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट 2240 वोटर दर्शा रही है। पिछले चुनावों में छोटा शिमला वार्ड में करीब 7000 वोटर थे।

इस बार पुनर्सीमांकन के बाद छोटा शिमला वार्ड के दो वार्ड बना दिए गए हैं। एक छोटा शिमला और दूसरा विकासनगर वार्ड है। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि वार्डों की संख्या बढ़ने के बाद मतदाता बढ़ने की जगह घट गए हैं। जिला प्रशासन की मतदाता सूची के अनुसार दोनों वार्डों में अब कुल 4827 वोटर हैं।

मतदाता सूची से गायब कांग्रेस के चार पार्षदों के नाम
नगर निगम चुनाव को लेकर जिला प्रशासन की ओर से जारी की गई मतदाता सूचियों से कांग्रेस के चार पार्षदों के नाम भी गायब हैं। हजारों मतदाताओं के नाम गायब होने के साथ साथ  नेताओं के नाम कट जाने से वीरवार को हड़कंप मचा रहा। कई पार्षद मतदाता सूचियों को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के पास जाकर दुखड़ा रोते हुए नजर आए। मतदाता सूची से कांग्रेस के पार्षद शशि शेखर चिन्नू , सुशांत कपरेट, इंद्रजीत सिंह और नरेंद्र ठाकुर के नाम गायब हैं।

 भाजपा ने भी मतदाता सूची को लेकर जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सूची से मोहल्ले के मोहल्ले गायब हैं। कई जगह ग्राम पंचायत के वोट नगर निगम में शामिल किए गए हैं। इनमें से अधिकांश नेता ऐसे भी हैं जो इस बार चुनाव लड़ने की इच्छा रखते हैं, उनके नाम भी वोटर लिस्ट से गायब है। अब नेता मतदाता सूची में अपने नाम जुड़वाएं या फिर जनता के।  भाजपा ने पूरा ठीकरा जिला प्रशासन पर फोड़ते हुए तत्काल प्रभाव से उपायुक्त को बदलने की मांग की है। उधर , वोटर लिस्ट देखकर कांग्रेस के पार्षदों के गले भी सूख गए हैं।

वीरवार को आनन फानन में एक गोपनीय बैठक बुलाई गई। सभी पार्षद लिस्ट देखकर तिलमिलाए हुए थे। क्योंकि उनके समर्थकों के नाम भी लिस्ट से गायब थे। चम्याणा वार्ड के कांग्रेस पार्षद नरेंद्र ठाकुर का परिवार सहित नाम वोटर लिस्ट से गायब है। शिमला व्यापार मंडल के अध्यक्ष और मनोनीत कांग्रेसी पार्षद इंद्रजीत सिंह का नाम भी खलीनी वार्ड से वोटर लिस्ट में नहीं है। इस पूरे मामले में कहां गलती हुई है, इस बारे में कोई भी साफ तौर पर नहीं बोल रहा है। 21 अप्रैल तक हजारों वोटरों के नाम कैसे वोटर लिस्ट में जुड़ पाऐंगे, यह एक बड़ा सवाल है। उधर, चम्याणा वार्ड के पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि  वह मतदाता सूची देखकर हैरान रह गए। मतदाता सूची में उनका और उनके पूरे परिवार के नाम गायब है। 
 
उपायुक्त रोहन चंद ठाकुर ने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम छूट गए हैं उनके नाम मतदाता सूची में जोड़ दिए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग से मतदाताओं की सूची ली गई है, संभव है इस दौरान कुछ नाम छूट गए हों। 
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