पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही इसकी परीक्षा ली गई। फाइनल परिणाम निकालने से पहले विधानसभा चुनाव का एलान हो गया। आदर्श चुनाव आचार संहिता के चलते इसका परिणाम रुक गया। हालांकि, इस बीच निगम प्रबंधन ने भर्ती परिणाम घोषित करने के लिए चुनाव आयोग से अनुमति मांगी, लेकिन आयोग ने इससे इनकार कर दिया।
चुनाव के बाद प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हो गया और भाजपा की सरकार बन गई। भाजपा सरकार ने शुरू में ही भर्ती की जांच के आदेश दे दिए। जांच में कुछ न मिलने पर सरकार ने मई, 2018 में इसका रिजल्ट घोषित कर दिया।
कंडक्टर भर्ती में 1235 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था। इनमें से 1078 को ज्वाइनिंग दे दी गई है। जांच के बाद 157 अभ्यर्थियों के दस्तावेज गलत पाए गए, जिस कारण इनकी ज्वाइनिंग रोक दी गई है। - गोविंद सिंह ठाकुर, परिवहन मंत्री